गाली-गलौज से बढ़ा विवाद, फिर हुई हत्या; तीन साल बाद दोषी को मिली सजा

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कोरबा: छत्तीसगढ़ के कटघोरा स्थित प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने बहुचर्चित हत्या और जानलेवा हमले के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सितंबर 2023 में पसान थाना क्षेत्र के ग्राम सिर्री उर्फ सुवार चुट्टा में हुई इस वीभत्स घटना के दौरान आरोपी ने गाली-गलौज का विरोध करने पर एक व्यक्ति की बसूले से निर्मम हत्या कर दी थी और उसकी पत्नी व 8 महीने के दुधमुंहे बच्चे पर भी घातक हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी पर 2 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

क्या थी पूरी घटना?

अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक घटना 2 सितंबर 2023 की रात की है। ग्राम सिर्री निवासी रामकुमार कमरो (35 वर्ष) अत्यधिक नशे की हालत में गांव की गलियों में घूम रहा था और बेवजह गाली-गलौज कर रहा था। इसी दौरान वह पड़ोसी इतवार सिंह के घर के सामने पहुंचकर उन्हें ललकारने और धमकाने लगा। शोर-शराबा सुनकर इतवार सिंह उसे समझाने के उद्देश्य से अपने घर से बाहर आए। उनके साथ उनकी पत्नी आशा बाई भी थीं, जो उस वक्त अपनी गोद में 8 महीने के मासूम बेटे अनिल को लिए हुए थीं।

इसी बीच, आरोपी रामकुमार अचानक बेकाबू हो गया और उसने अपने हाथ में रखे लोहे के बसूले से इतवार सिंह के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। अत्यधिक खून बहने और गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण इतवार सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इतने पर भी जब आरोपी का गुस्सा शांत नहीं हुआ, तो उसने बीच-बचाव करने आई आशा बाई और उनकी गोद में मौजूद 8 महीने के मासूम बच्चे पर भी बसूले से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मजबूत विवेचना

घटना की सूचना मिलते ही पसान थाने की पुलिस दल-बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में पड़े घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने आरोपी रामकुमार कमरो के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास (धारा 302 और 307) के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर त्वरित जांच शुरू की। इस मामले की विवेचना तत्कालीन जांच अधिकारी प्रहलाद कुमार राठौर द्वारा की गई।

पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, घटनास्थल से बरामद हथियारों, चश्मदीद गवाहों के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट्स को समयबद्ध तरीके से संकलित कर अदालत में चार्जशीट पेश की। न्यायालय में सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक संजय जायसवाल ने प्रभावी पैरवी की। मृतक की पत्नी आशाबाई की गवाही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक (FSL) जांच रिपोर्ट ने अभियोजन पक्ष के मामले को पूरी तरह मजबूत कर दिया।

न्यायालय का फैसला

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावलियों पर उपलब्ध तमाम साक्ष्यों व गवाहों के बयानों का बारीकी से परीक्षण करने के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मधु तिवारी की अदालत ने आरोपी रामकुमार कमरो को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे आजीवन सश्रम कारावास और 2 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने का संतोष मिला है।