पटना: बिहार मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए एक दूरगामी निर्णय लिया गया है। सरकार ने 'सात निश्चय-3' के तहत लोक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर राज्य के 16 ब्राउनफील्ड मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के साथ-साथ संबद्ध अस्पतालों के संचालन की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है। इस योजना को सुचारू रूप से लागू करने हेतु चयनित ट्रांजैक्शन एडवाइजर एजेंसी को कार्यादेश जारी करने तथा इसके लिए 8.27 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का आधुनिकीकरण हो सकेगा।
पीपीपी मॉडल से सुदृढ़ होगी स्वास्थ्य व्यवस्था और चिकित्सा शिक्षा
स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश और विशेषज्ञता को बढ़ावा देने से प्रदेश की चिकित्सा सेवाओं का विस्तार और प्रबंधन अत्यधिक प्रभावी बनेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मेडिकल विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय पठन-पाठन का माहौल उपलब्ध कराना तथा मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज की सुविधाएं प्रदान करना है। 'सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन' कार्यक्रम के अंतर्गत ली गई यह पहल आम नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा पहुँच सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगी।
34 बाल गृहों की सुरक्षा होगी चाक-चौबंद, गृह रक्षकों की होगी तैनाती
किशोर न्याय अधिनियम के तहत संचालित और प्रस्तावित 34 बाल गृहों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने 330 गृह रक्षकों की नियुक्ति को स्वीकृति दी है। इसमें 23 बालक पर्यवेक्षण गृह, एक बालिका पर्यवेक्षण गृह, एक विशेष गृह और नौ सुरक्षित स्थान शामिल हैं, जिस पर वार्षिक 14.53 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। सुरक्षाकर्मियों की इस तैनाती से बाल गृहों के भीतर अनुशासन बना रहेगा, आपस में होने वाले विवादों पर लगाम लगेगी और वहां रहने वाले किशोरों को एक सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
बिहार में हेली-टूरिज्म की नई शुरुआत, राजगीर से वाल्मीकिनगर तक का हवाई सफर
प्रदेश में पर्यटन को नया आयाम देने के लिए सरकार ने 'बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026' के तहत हेलिकॉप्टर सेवा की अधिप्राप्ति को मंजूरी प्रदान की है। इस सेवा के संचालन के लिए प्रतिमाह 60 लाख रुपये और लागू जीएसटी की दर से कुल 3.30 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। योजना के अंतर्गत वाल्मीकिनगर, मां मुंडेश्वरी मंदिर, राजगीर और पटना शहर की खूबसूरत स्काईलाइन का हवाई भ्रमण कराया जाएगा, जिससे राज्य में पर्यटन और स्थानीय रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।









