जयपुर। खोनागोरियान क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री में हुए दर्दनाक हादसे के बाद, जिसमें आठ लोगों की जान चली गई थी, जयपुर पुलिस प्रशासन बेहद मुस्तैद नजर आ रहा है। अवैध रूप से चल रहे पटाखा गोदामों और फैक्ट्रियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस कमिश्नरेट द्वारा एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया है। इसी अभियान के तहत स्पेशल टीम (CST) ने बुधवार की देर रात शहर और ग्रामीण इलाकों के विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में विस्फोटक बारूद और अवैध पटाखे जब्त किए गए हैं, साथ ही सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले कई गोदामों को मौके पर ही सील कर दिया गया है।
लाइसेंस की आड़ में मिला तय सीमा से अधिक बारूद
जमवारामगढ़ रोड स्थित बड़ी का बास इलाके में जब पुलिस टीम ने एक अधिकृत पटाखा गोदाम का निरीक्षण किया, तो वहां सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती मिलीं। इस गोदाम को केवल 600 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री रखने की अनुमति मिली हुई थी, लेकिन तलाशी के दौरान वहां 300 से ज्यादा कार्टूनों में बंद करीब 1000 किलो से अधिक का बारूद और पटाखे बरामद हुए। वजन मापे जाने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस गोदाम को सील कर दिया। जांच में पता चला है कि यह गोदाम किराए के परिसर में चल रहा था, जहां आसपास अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित हो रही थीं। इस गोदाम का संबंध चांदी की टकसाल स्थित एक नामी पटाखा दुकान से बताया जा रहा है।
शैक्षणिक संस्थानों के पास नियमों को ताक पर रखकर भंडारण
इसी क्षेत्र में स्थित एलएन मित्तल कॉलेज के पास बने दो अन्य बड़े गोदामों की जांच में भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। हालांकि इनके संचालकों ने दोनों जगहों के लिए 1500-1500 किलो क्षमता का वैध लाइसेंस होने का दावा किया, लेकिन ये दोनों ही गोदाम कॉलेज और रिहायशी छात्रावास के बिल्कुल नजदीक पाए गए। इतनी संवेदनशील जगहों के पास भारी मात्रा में विस्फोटक रखना सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक माना गया है। सूत्रों के मुताबिक, यहां भी निर्धारित मात्रा से ज्यादा माल स्टोर करके रखा गया था, जिसे लेकर स्थानीय निवासियों ने भी लंबे समय से चल रहे इन गोदामों पर अपनी चिंता व्यक्त की है।
सघन चेकिंग अभियान और पुलिस की सख्त कार्रवाई
पुलिस की विशेष टीमों ने चेनपुरा इलाके में फोर्थ आरएसी के समीप चल रही एक संदिग्ध पटाखा फैक्ट्री और गोदाम पर भी छापा मारा। इसके साथ ही हीरावाला बस स्टैंड के पीछे और रूपवास लिंक रोड जैसे रिहायशी इलाकों में बने गोदामों को भी खंगाला गया, जहां बिना उचित सुरक्षा इंतजामों के पटाखे रखे हुए थे। पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देशन में स्थानीय थानों और सीएसटी की संयुक्त टीमें लगातार इन ठिकानों पर कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अवैध रूप से बारूद का धंधा करने वाले और नियमों को दरकिनार करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं और सभी संदिग्धों से पूछताछ जारी है।









