पहले पूछा मुआवजा कैसे मिलेगा, फिर मां को मौत के घाट उतार दिया; बेटे की करतूत बेनकाब

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बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के अजुपुरा जट गांव में सोमवार शाम को 65 वर्षीय बीरो देवी की मौत के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है।

जांच में सामने आया है कि महिला की मौत किसी गुलदार के हमले से नहीं हुई थी, बल्कि पांच लाख रुपये के मुआवजे के लालच में उसके अपने ही बेटे बहाल सिंह उर्फ मनिया ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी।

पुलिस ने बुधवार को इस पूरे मामले का पर्दाफाश करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी ने घटना वाले दिन दोपहर में ही डीएफओ कार्यालय जाकर गुलदार के हमले के मुआवजे के बारे में जानकारी ली थी। जब उसे पता चला कि ऐसी स्थिति में पांच लाख रुपये का मुआवजा मिलता है, तो उसने शाम को अपनी ही मां को मौत के घाट उतार दिया और इसे गुलदार के हमले का रूप दे दिया। यह बात पुलिस की गहन जांच में सामने आई है।

सोमवार की शाम बीरो देवी अपने छोटे बेटे बहाल सिंह उर्फ मनिया के साथ चारा लेने के लिए खेतों पर गई थी। बहाल सिंह ने ही डायल-112 पुलिस और ग्रामीणों को सूचना दी थी कि उसकी मां पर गुलदार ने हमला कर दिया है। उसने ग्रामीणों और पुलिस को यह झूठी कहानी भी सुनाई कि उसने मां को बचाने के लिए गुलदार से संघर्ष किया था। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव उठाने से मना कर दिया था।

घटना के लगभग दो घंटे बाद, चांदपुर के तहसीलदार और वन विभाग के रेंजर दुष्यंत मावी ने मृतका के परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिलाने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सारे राज खोल दिए और स्पष्ट हो गया कि वृद्धा की मौत गुलदार के हमले से नहीं बल्कि गला दबाए जाने के कारण हुई थी।

पुलिस ने मंगलवार देर शाम बहाल सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने पुलिस और ग्रामीणों के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। बहाल सिंह ने बताया कि उसका अपनी मां के साथ अक्सर किसी न किसी बात को लेकर विवाद रहता था। सोमवार को भी जंगल में किसी बात पर मां ने उसे डांट दिया था, जिससे गुस्से में आकर वह मां को गन्ने के खेत में अंदर ले गया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद अपना जुर्म छिपाने और पांच लाख रुपये का मुआवजा हड़पने के लिए उसने मां की मौत को गुलदार के हमले का नाम दे दिया। चांदपुर के सीओ देश दीपक ने बताया कि बड़े बेटे रूपचंद की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए छोटे बेटे बहाल सिंह उर्फ मनिया का चालान कर दिया गया है।

इस घटना के खुलासे से पूरे गांव के लोग हैरान और सन्न हैं। किसी को इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा है कि कोई बेटा अपनी ही मां की जान ले सकता है। आरोपी ने खून के रिश्ते का ही कत्ल नहीं किया, बल्कि मां-बेटे के पवित्र और भरोसेमंद रिश्ते को भी कलंकित कर डाला है।

दूसरी ओर, आरोपी की पत्नी डोली का रो-रोकर बुरा हाल है। उसका कहना है कि उनका घर-परिवार ठीक चल रहा था और उसे अपने पति पर कभी ऐसा विश्वास नहीं था कि वह इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे देगा। अब वह अपने दो छोटे बच्चों का पालन-पोषण कैसे करेगी, इस बात को लेकर वह बेहद चिंतित है।

डीएफओ जय सिंह कुशवाह ने बताया कि सोमवार दोपहर को बहाल सिंह उनके दफ्तर आया था और शरीर पर खरोंच के निशान दिखाकर गुलदार के हमले की बात कहते हुए मुआवजे की मांग कर रहा था। उसे समझाया गया था कि मामूली खरोंच पर मुआवजा नहीं मिलता और इसके लिए डॉक्टर से मेडिकल कराना जरूरी होता है। उसने नियमों की पूरी जानकारी ली और वहां से चला गया, जिसके कुछ ही घंटों बाद उसकी मां की मौत की खबर सामने आ गई।

बिजनौर जिले में इन दिनों गुलदार के आतंक के बीच इंसान की खतरनाक फितरत भी उजागर होने लगी है। लालच और आपसी विवाद के चलते लोग अपनी ही वारदातों का ठीकरा बेकसूर जानवरों पर फोड़ रहे हैं। हाल ही में अजुपुरा जट की इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि कैसे एक बेटे ने अपनी मां की हत्या का इल्जाम गुलदार के सिर मढ़ने की कोशिश की, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उसकी चाल को नाकाम कर दिया।

पिछले एक साल के दौरान जिले में ऐसे दो मामले सामने आ चुके हैं, जहां हत्याओं को गुलदार के हमले का रूप देने की कोशिश की गई। इसके अलावा महिलाओं के लापता होने पर भी उन्हें गुलदार द्वारा उठाकर ले जाने का झूठा शोर मचाया गया, जबकि सच्चाई कुछ और ही निकली। 15 नवंबर 2025 को नांगल सोती क्षेत्र के तिसोतरा गांव निवासी सौरभ तोमर की मौत को भी गुलदार के हमले से जोड़ा गया था, लेकिन पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि उसकी हत्या उसके अपने पिता सुभाष तोमर ने की थी। पिता ने गले पर धारदार हथियार के घावों को गुलदार के पंजों का निशान बताकर गुमराह करने की कोशिश की थी।

इसी प्रकार, 11 नवंबर 2025 को किरतपुर क्षेत्र में एक महिला के घर से गायब होने पर गुलदार के उठा ले जाने का अफवाह फैल गई थी, जिसे बाद में पुलिस ने देहरादून से सकुशल ढूंढ निकाला था। 23 अक्तूबर 2025 को नहटौर के नन्हेड़ा गांव की एक युवती के खेत से गायब होने पर भी ऐसा ही ड्रामा रचा गया था, जिसे पुलिस ने बाद में देहरादून से ही बरामद किया था।

जिले में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से प्रशासन और पुलिस भी सतर्क हो गई है। ऐसे सभी संदिग्ध मामलों की अब बेहद बारीकी से जांच की जा रही है ताकि असल सच्चाई सामने आ सके।