जयपुर: राजस्थान सरकार ने पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं के साथ होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। उपभोक्ता मामलात मंत्री सुमित गोदारा के विशेष निर्देशों के बाद सोमवार को राजधानी के विभिन्न मुख्य मार्गों पर स्थित पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया गया। इस सघन जांच अभियान के दौरान अजमेर, सीकर और दिल्ली रोड पर संचालित होने वाले पंद्रह केंद्रों की बारीकी से पड़ताल की गई, जिसमें विधिक माप विज्ञान अधिनियम के नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले कई मामले उजागर हुए और विभाग ने दोषियों के खिलाफ तुरंत दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की।
ग्राहकों की जेब पर डाका और लाखों का तेल घपला
जांच दलों द्वारा किए गए निरीक्षण में तीन प्रमुख पेट्रोल पंपों पर माप-तौल में गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं, जहां उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा से कम ईंधन दिया जा रहा था। नींदड़ स्थित विनायक इंडियन ऑयल पंप पर प्रति पांच लीटर की बिक्री में लगभग तीस मिलीलीटर तक की कटौती की जा रही थी, जो मासिक आधार पर करीब तेरह सौ लीटर से अधिक के डीजल घपले की ओर इशारा करता है। इसी तरह शाहपुरा और बगरू रीको क्षेत्र में स्थित पंपों पर भी प्रति पांच लीटर आपूर्ति में चालीस मिलीलीटर तक की कमी दर्ज की गई, जिससे हर महीने लाखों रुपये का अतिरिक्त लाभ अवैध तरीके से कमाया जा रहा था।
मशीनें सीज और भारी जुर्माने के साथ सख्त कार्रवाई
नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विभाग ने त्वरित कार्यवाही करते हुए तीनों संबंधित पेट्रोल पंपों के नोजल को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ी न हो सके। इसके साथ ही आमेर स्थित एक अन्य सर्विस स्टेशन पर मिली विभिन्न अनियमितताओं के लिए उसे आधिकारिक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। पूरी कार्रवाई के दौरान विभाग ने कुल सैंतीस हजार रुपये का जुर्माना भी वसूल किया है, जो उन संचालकों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो माप-तौल के मानकों के साथ खिलवाड़ कर जनता को आर्थिक नुकसान पहुँचा रहे थे।
प्रदेशव्यापी अभियान और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा
विभागीय अधिकारियों ने इस कार्रवाई के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि पूरे राजस्थान में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले समय में इस प्रकार के औचक निरीक्षणों का दायरा और अधिक बढ़ाया जाएगा ताकि राज्य के हर हिस्से में शुद्धता और सही माप सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वाले डीलरों के खिलाफ विधिक माप विज्ञान अधिनियम के तहत कठोरतम कदम उठाए जाएंगे और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आम नागरिक को उसके द्वारा चुकाई गई पूरी राशि के बदले पूर्ण मात्रा में ईंधन प्राप्त हो।









