डिप्टी सीएम का नाम लेकर ठगी, नौकरी दिलाने का झूठा वादा, लाखों की वसूली

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कबीरधाम: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को रसूखदार नेताओं का करीबी बताकर एक परिवार से पुलिस कांस्टेबल की नौकरी लगवाने के नाम पर 17 लाख रुपये की बड़ी रकम ऐंठ ली। जब काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगी, तब परिवार को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ।

'नेतागिरी' का झांसा और नौकरी का वादा

आरोपियों ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि उनके संपर्क सीधे पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों और बड़े राजनीतिक नेताओं तक हैं। उन्होंने पीड़ित के छोटे भाई, रामनाथ चंद्रवंशी, को पुलिस विभाग में कांस्टेबल बनाने का दावा किया। ठगों का आत्मविश्वास इतना था कि उन्होंने पीड़ित को यह तक कहा कि यदि वह परीक्षा में असफल भी हो जाता है, तब भी वे उसे नौकरी लगवा देंगे।

ऐसे वसूले 17 लाख रुपये

ठगी का यह सिलसिला 9 दिसंबर 2024 से शुरू हुआ था। आरोपियों ने बड़ी शातिर तरीके से अलग-अलग माध्यमों से रकम वसूली:

  • ऑनलाइन लेनदेन: सबसे पहले 9 दिसंबर 2024 को 10 हजार रुपये ऑनलाइन लिए गए। इसके बाद विभिन्न बैंक खातों में कुल 7 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए गए।

  • नकद राशि: आरोपियों ने शेष 10 लाख रुपये नकद में वसूले। लंबे समय तक नौकरी का इंतजार करने के बाद जब कोई नतीजा नहीं निकला, तो पीड़ित ने आरोपियों से संपर्क किया, लेकिन तब तक ठग अपना काम कर चुके थे।

पुलिस जांच शुरू

इस मामले में पीड़ित परिवार की शिकायत पर पांडातराई थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच कर रहे सहायक उप निरीक्षक रूपेन्द्र सिंह ने जानकारी दी कि:

  • पुलिस फिलहाल बैंक खातों के ट्रांजेक्शन डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है।

  • आरोपियों की पहचान और उनकी लोकेशन का पता लगाया जा रहा है।

  • जल्द ही दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की जाएगी।

पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर सरकारी नौकरी के नाम पर पैसे न दें। किसी भी तरह के लेन-देन या नौकरी के नाम पर संदिग्ध वादों से सतर्क रहना ही बचाव का एकमात्र तरीका है।