शहरों में कूड़े का संकट जल्द होगा खत्म, नगर निगम संविदा कर्मियों से सरकार का समझौता

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पटना: बिहार के विभिन्न नगर निकायों में पिछले आठ दिनों से लगातार जारी संविदाकर्मियों की हड़ताल आखिरकार बुधवार को समाप्त हो गई है। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार के साथ हुई सकारात्मक वार्ता के बाद पटना नगर निगम समेत राज्यभर के तमाम निकायों के संविदाकर्मियों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस लेने का बड़ा ऐलान कर दिया है। करीब 4700 सफाईकर्मी और चालक गत 30 जुलाई से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ था।

राजधानी पटना समेत कई जिलों में कचरे का लगा अंबार और व्यवस्था ठप

इस लंबी हड़ताल के कारण राजधानी पटना के बोरिंग रोड, नेहरू नगर, आनंदपुरी, कंकड़बाग, राजेंद्र नगर और शास्त्रीनगर समेत तमाम प्रमुख इलाकों में सड़कों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए थे। घर-घर जाकर कचरा उठाने का अभियान पूरी तरह से ठप हो गया था और कचरा ढोने वाले वाहनों के पहिए थम गए थे। हालांकि नगर निगम प्रशासन द्वारा रात के समय सीमित वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गईं, लेकिन स्थिति पूरी तरह संभल नहीं पाई थी।

सरकार और संविदाकर्मियों के बीच बनी सहमति, स्थायी कर्मचारियों जैसी मिलेंगी सुविधाएं

पटना नगर निगम समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों की कई प्रमुख मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। अब दैनिक और संविदा पर कार्य कर रहे कर्मियों को भी स्थायी कर्मचारियों की भांति आकस्मिक छुट्टियां, ग्रेच्युटी और सेवानिवृत्ति के पश्चात पेंशन जैसी कल्याणकारी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिस पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई है।

मंत्री नीतीश मिश्रा का बयान और जल्द सामान्य होगी राज्यभर की सफाई व्यवस्था

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि सरकार राज्य के सभी सफाईकर्मियों के अधिकारों और हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकांश मांगों का समाधान निकाल लिया गया है और शेष बचे बिंदुओं पर विचार करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। हड़ताल वापस लिए जाने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ ही घंटों में पूरे राज्य के शहरी इलाकों में साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर लौट आएगी।