लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सोमवार को होने वाली कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और लोक कल्याण से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लग सकती है। इस बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित लगभग दो दर्जन से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इनमें सबसे प्रमुख प्रस्ताव होमगार्ड स्वयंसेवकों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त (कैशलेस) इलाज की सुविधा देना है। इसके साथ ही, खेल जगत को बढ़ावा देने के लिए खेल और अन्य संबंधित विभागों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले होनहार खिलाड़ियों की सीधी भर्ती का रास्ता साफ करने वाला प्रस्ताव भी पटल पर रखा जाएगा।
नई स्टार्टअप नीति और कर्मचारियों को मिलने वाली रियायतें
उत्तर प्रदेश में व्यापार और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कैबिनेट की इस बैठक में नई स्टार्टअप नीति 2026 को मंजूरी दी जा सकती है। इस नीति के तहत नए उद्यमियों को सरकार की तरफ से भारी सब्सिडी और कई अन्य वित्तीय रियायतें दी जानी तय हुई हैं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के अध्यक्ष और उनके सदस्यों की पेंशन राशि में बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी स्वीकृति के लिए टेबल किया जाएगा। वहीं, मदरसा शिक्षा परिषद के तहत आने वाले अनुदानित अरबी-फारसी मदरसों के शिक्षकों के लिए भी एक संवेदनशील फैसला हो सकता है, जिसके तहत सेवाकाल के दौरान असामयिक मृत्यु होने की स्थिति में उनके परिजनों को ग्रेच्युटी के भुगतान का लाभ मिल सकेगा।
पशुधन बीमा, नए विश्वविद्यालयों की स्थापना और चिकित्सा इंफ्रास्ट्रक्चर
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों की सुरक्षा के लिए 'मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना' की विस्तृत कार्ययोजना को इस बैठक में हरी झंडी मिलने की पूरी उम्मीद है। शिक्षा के क्षेत्र का विस्तार करते हुए प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी जाएगी, जिनमें कानपुर के बिल्हौर में महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय, गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय और फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गोरखपुर में एक नए 100 बेड के अस्पताल के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनेगी।
म्यूनिसिपल बॉन्ड, वाराणसी रोपवे और अन्य विभागीय संशोधन
शहरी विकास को गति देने के लिए गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगमों को विकास कार्यों के वास्ते म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने की प्रशासनिक अनुमति दी जा सकती है। धार्मिक नगरी वाराणसी में चल रही रोपवे पायलट परियोजना के लिए जरूरी जमीन को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) को सौंपने का प्रस्ताव भी इस बैठक का हिस्सा है। इनके अलावा, उप्र अधीनस्थ (सहकारी समितियां और पंचायत) लेखा परीक्षा सेवा नियमावली में प्रथम संशोधन, वेतन समिति 2016 की सिफारिशों पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी की रिपोर्ट को मंजूरी, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत पंचायती राज विभाग की संचालन एवं अनुरक्षण नीति और उप्र परिवीक्षा अधिकारी राजपत्रित सेवा नियमावली 2026 में जरूरी संशोधनों को पारित किया जाएगा।









