मेरठ: उत्तर प्रदेश सरकार की माफिया सूची में शामिल पश्चिमी यूपी के कुख्यात गैंगस्टर उधम सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। एडीजी भानु भास्कर ने उधम सिंह पर घोषित इनाम की राशि को बढ़ाकर अब एक लाख रुपये कर दिया है। शातिर अपराधी की धरपकड़ के लिए पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की कई टीमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में संभावित ठिकानों पर लगातार ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं।
लोन दिलाने के बहाने हड़पे थे दस्तावेज, फर्जीवाड़ा कर आया बाहर
डी-50 गिरोह का सरगना और करनावल निवासी उधम सिंह बीते 26 मार्च को उन्नाव जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। लेकिन जांच में सामने आया कि उसने जेल से बाहर आने के लिए बेहद शातिराना तरीके से फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया था।
इस बड़े फर्जीवाड़े को लेकर 9 अप्रैल 2026 को सरूरपुर थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता अनवर ने आरोप लगाया था कि शेखर नाम के एक व्यक्ति ने उसे लोन दिलाने का झांसा देकर उसके जरूरी पहचान पत्र (जैसे आधार और पैन कार्ड) ले लिए थे। इसके बाद धोखे से कुछ कागजातों पर दस्तखत भी करा लिए गए, जिनका इस्तेमाल बाद में गैंगस्टर उधम सिंह की जमानत कराने के लिए फर्जी गारंटर के तौर पर किया गया।
जमानत खारिज, कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट
धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने तुरंत इसकी विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट को भेजी। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उधम सिंह की जमानत याचिका को तत्काल निरस्त कर दिया और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया। इसी बीच खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि आरोपी देश छोड़कर नेपाल भागने की फिराक में है, जिसके बाद सीमावर्ती इलाकों और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
25 हजार से 1 लाख तक पहुंचा इनाम
फरार होने के बाद उधम सिंह पर शिकंजा कसने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोपी के हाथ न आने पर इस राशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया गया और अब एडीजी ने इसे एक लाख रुपये कर दिया है।
पुलिस के आला अधिकारियों का साफ कहना है कि कानून को चकमा देने वाले इस माफिया को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उसकी गिरफ्तारी के लिए चौतरफा घेराबंदी की जा चुकी है और जल्द ही वह पुलिस की गिरफ्त में होगा।









