कुशीनगर/लखनऊ। छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस में मिले किशोरी के क्षत-विक्षत शव के मामले में रेलवे पुलिस (जीआरपी) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हिरासत में लिए गए संदेही से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो दिल दहला देने वाला सच सामने आया। छानबीन में पता चला है कि सगे पिता ने ही अपनी मर्यादा की खातिर 16 वर्षीय बेटी की बेरहमी से हत्या कर उसके शव के छह टुकड़े किए थे। मृतका का कुसूर सिर्फ इतना था कि वह मना करने के बाद भी एक युवक से फोन पर बातचीत करती थी।
पुलिस ने कुशीनगर के सेवरही के रहने वाले आरोपी बिग्गन अंसारी को पकड़ लिया है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी अपनी बेटी शब्बा के दूसरे समुदाय के युवक से बात करने की वजह से बेहद गुस्से में था। उसे डर था कि उसकी दो अन्य बेटियों की तरह यह भी प्रेम विवाह न कर ले, जिससे समाज में उसकी बदनामी होगी। इसी नफरत में उसने खौफनाक साजिश रच डाली।
साजिश के तहत पूरे परिवार को भेजा बाहर वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी ने पांच दिन पहले ही अपनी पत्नी और बेटों को एक रिश्तेदार के घर भेज दिया था। घर पर सिर्फ किशोरी और उसकी बुजुर्ग दादी थीं। इसके बाद आरोपी ने पडरौना निवासी अपनी बहन और बहनोई को घर बुलाया और सबने मिलकर इस हत्याकांड का ताना-बाना बुना।
सिर काटकर तालाब में फेंका, धड़ को बक्से में भरा गला घोंटकर हत्या करने के बाद आरोपियों ने धारदार हथियार से शव के टुकड़े किए। पहचान छिपाने के लिए किशोरी का सिर काटकर गांव के ही एक तालाब में फेंक दिया गया, जबकि धड़ और हाथ-पैरों को पुराने कपड़ों और प्लास्टिक में लपेटकर एक बड़े बक्से में बंद कर दिया। इसके बाद आरोपी ई-रिक्शे से तमकुहीरोड स्टेशन पहुंचे और वहां खड़ी छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच (एस-1) में बक्सा लावारिस छोड़ दिया।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज बक्सा रखने के बाद आरोपी ट्रेन के एसी कोच के रास्ते बाहर निकलते हुए रेलवे स्टेशन पर लगे कैमरों में कैद हो गए थे। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से आरोपी की पहचान की और उसे दबोच लिया। आरोपी के कबूलनामे के बाद गोताखोरों की मदद से तालाब से मृतका का सिर और हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया गया है। रेलवे पुलिस इस पूरे सनसनीखेज मामले का आधिकारिक खुलासा जल्द करेगी।









