जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में 9 जून की सुबह हुए भीषण अग्निकांड में 8 लोगों की दर्दनाक मौत के मामले में बड़े खुलासे हो रहे हैं। इस अवैध पटाखा नेटवर्क के मुख्य साजिशकर्ता और फैक्ट्री संचालक फिरोज सहित वसीम और अकील की तस्वीरें सामने आई हैं, जिन पर इसी इलाके में दो अन्य अवैध फैक्ट्रियां चलाने का भी आरोप है। पुलिस इन फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और पूरे अवैध नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
जांच में सामने आया है कि दिल्ली निवासी आलम खान, अपने साथी आसिफ कुरैशी के साथ मिलकर इन अवैध फैक्ट्रियों का पूरा प्रबंधन देखता था। आरोप है कि ये लोग चंद पैसों की मजदूरी का लालच देकर 15 से 16 साल के नाबालिग बच्चों, लाचार महिलाओं और बुजुर्गों से बारूद के बीच जानलेवा परिस्थितियों में काम करते थे। सूत्रों के मुताबिक, खोह नागोरियान क्षेत्र की अवैध फैक्ट्रियों में 150 से अधिक लोग काम करते थे। हैरान करने वाली बात यह है कि पटाखों की लेबलिंग और बॉक्स पैकिंग का काम केवल फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं था, बल्कि आसपास के कई घरों में भी भेजा जाता था, जिससे कई परिवार इस खतरनाक अवैध कारोबार का हिस्सा बन चुके थे। खोह नागोरियान थाना प्रभारी प्रकाश विश्नोई के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं और याकूब व कय्यूम को भगाने में मदद करने वाले सलमान कुरैशी को गिरफ्तार किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश में टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।









