कोसा को मिला नया मुकाम, प्रीमियम ब्रांड के रूप में दुनिया तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का हुनर

0
4

रायपुर| छत्तीसगढ़ के पारंपरिक करघों पर पीढ़ियों से बुना जाने वाला प्रसिद्ध 'कोसा सिल्क' अब एक बिल्कुल नई और सशक्त पहचान के साथ आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विशेष रूप से ‘कोशल फैब’ (Koshal Fab) का औपचारिक शुभारंभ करके छत्तीसगढ़ के कोसा और पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को एक मजबूत ब्रांड पहचान प्रदान की है। यह अनूठी पहल प्रदेश के मेहनतकश बुनकरों, विशेष रूप से दूरदराज के आदिवासी अंचलों के हुनरमंद कारीगरों की कला को आधुनिक डिजाइन, बेहतर पैकेजिंग और संगठित विपणन (मार्केटिंग) से जोड़ते हुए नए और बड़े बाजारों तक पहुँचाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम साबित होगी।

छत्तीसगढ़ की समृद्ध और गौरवशाली बुनाई परंपरा

‘कोशल फैब’ केवल एक नया कमर्शियल ब्रांड मात्र नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की प्राचीन एवं समृद्ध बुनाई परंपरा, बुनकरों की कठिन मेहनत और उनके स्थानीय हस्तशिल्प को एक वैश्विक पहचान दिलाने का एक सशक्त माध्यम है। इसके माध्यम से पारंपरिक करघों पर बुना जाने वाला हर एक धागा अब छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, उत्कृष्ट कौशल और सृजनशीलता की अद्भुत कहानी बयां करेगा। जानकारों का मानना है कि यह पहल बुनकर परिवारों की आर्थिक आय में बड़ा इजाफा करने, युवा पीढ़ी को इस पारंपरिक कला से फिर से जोड़ने तथा छत्तीसगढ़ के कोसा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में एक क्रांतिकारी शुरुआत है।

आकर्षक लोगो और कैटलॉग का किया गया विमोचन

इस गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ के इस नए प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब’ का विधिवत शुभारंभ करते हुए इसके आकर्षक लोगो (Logo) और विस्तृत उत्पाद कैटलॉग का आधिकारिक विमोचन किया। इसके साथ ही उन्होंने पारदर्शी व्यवस्था के तहत 'हथकरघा इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर' का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रेशम, हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी और माटीकला बोर्ड से जुड़े विभिन्न पात्र हितग्राहियों तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए 10 करोड़ 90 लाख रुपए से अधिक की भारी-भरकम अनुदान और पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से वितरित की।