ट्रेनों में यात्रियों के पर्स पर हाथ साफ करता था लल्लू, ATM से रकम निकालने के बाद हुआ गिरफ्तार

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रायपुर: रेलवे स्टेशनों और चलती ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाकर चोरी और ठगी करने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय आरोपी को सायबर सेल रेल रायपुर और जीआरपी थाना भिलाई-3 की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी देश के कई अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किया गया सोना, मोबाइल और बड़ी संख्या में विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड ज़ब्त किए हैं।

क्या है पूरा मामला?

जीआरपी थाना भिलाई-3 के अनुसार, प्रार्थी कन्हैया भगत (जो सीमा सुरक्षा बल, सुपेला दुर्ग के उप महानिरीक्षक कार्यालय में पदस्थ हैं) गत 18 अप्रैल 2026 को छुट्टी पर अपने गृहग्राम बिहार जाने के लिए दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। रेलवे स्टेशन पर टिकट खरीदने के दौरान किसी अज्ञात चोर ने उनकी जेब से उनका पर्स पार कर लिया। कुछ समय बाद उनके पर्स में रखे एटीएम कार्ड से 97,500 रुपये की अवैध निकासी और धोखाधड़ी होने की सूचना मिली, जिस पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर धरपकड़

पुलिस अधीक्षक रेल रायपुर दिव्यांग पटेल और उप पुलिस अधीक्षक रेल रायपुर एस.एन. अख्तर के मार्गदर्शन में सायबर सेल रेल रायपुर की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का गहराई से संकलन किया। इसी दौरान मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर 22 अगस्त 2026 को पावर हाउस रेलवे स्टेशन से आरोपी को धर दबोचा गया। पकड़े गए शातिर आरोपी की पहचान सुनील कुमार दुबे उर्फ लल्लू (34 वर्ष), निवासी ग्राम भारपुरा, थाना पंडरी, जिला मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।

शातिर ठगी और वारदातों का खुलासा

पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह ट्रेनों और स्टेशनों पर यात्रियों के पर्स चुराने के बाद उनके एटीएम कार्ड से ठगी करता था। 18 अप्रैल की घटना का जिक्र करते हुए उसने बताया कि उसने दुर्ग के सुनील ज्वेलर्स से चुराए गए एटीएम के जरिए स्वाइप मशीन से 75,000 रुपये का एक जोड़ी ईयररings (कान का झुमका) खरीदा था और उसकी रसीद प्रियंका भगत के नाम पर बनवाई थी। इसके अलावा, जिला अस्पताल के पास स्थित एटीएम से दो बार में 9,500-9,500 रुपये नगद निकाले तथा बस स्टैंड और राजन दुर्ग के पास के एटीएम से भी नगद रकम निकाली थी। पकड़े जाने के डर से उसने बाद में चोरी किया हुआ एटीएम चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया था। पैसों की जरूरत पड़ने पर उसने दुर्ग की ज्वेलरी दुकान से खरीदा हुआ वह सोना ग्वालियर में किसी अज्ञात व्यक्ति को 50,000 रुपये में बेच दिया था।

ज़ब्ती और देश के कई राज्यों में दर्ज आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस ने आरोपी के पास से बिक्री के बचे हुए 3,000 रुपये नगद, 4 सिम कार्ड, 1 मोबाइल फोन और विभिन्न बैंकों के 12 एटीएम कार्ड ज़ब्त किए हैं। मामले में आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराएं बढ़ाते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया है।

आरोपी का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है और देश के कई थानों में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • थाना करनाल (हरियाणा): धारा 379 भादवि

  • जीआरपी थाना बेंगलुरु (कर्नाटक): धारा 420 भादवि

  • जीआरपी थाना रायपुर (छत्तीसगढ़): धारा 379, 419, 420 भादवि

  • जीआरपी थाना इटारसी, भोपाल (मध्य प्रदेश): चोरी और लूट के मामले

  • जीआरपी थाना करनाल (हरियाणा): धारा 171, 379, 419, 420 भादवि

  • जीआरपी थाना हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली): धारा 171, 419, 420, 511 भादवि

  • जीआरपी थाना ग्वालियर (मध्य प्रदेश): धारा 379 भादवि

  • जीआरपी थाना जालंधर (पंजाब): धारा 379, 411, 419 भादवि

  • जीआरपी थाना हावड़ा (पश्चिम बंगाल): धारा 379, 411 भादवि

इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने में निरीक्षक दया कुर्रे, उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह, सायबर टीम के सदस्य महेन्द्र कुमार मरकाम, जैकी, प्रकाश पैकरा तथा जीआरपी थाना भिलाई-3 के आरक्षक विष्णु सुमन, भास्कर सिंह राजपूत और धनेश्वर यादव की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।