जहानाबाद। बिहार के जहानाबाद जिले के मखदुमपुर अंचल कार्यालय में बुधवार को पटना से आई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। ब्यूरो की विशेष टीम ने अंचल कार्यालय में जाल बिछाकर एक भ्रष्ट सरकारी अमीन को पांच हजार रुपये की रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। विजिलेंस की इस अचानक हुई छापेमारी से अंचल कार्यालय परिसर में पूरी तरह अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद अन्य अधिकारी व कर्मचारी अपने-अपने केबिन छोड़कर भागने लगे। गिरफ्तार किए गए अमीन की पहचान अनिल कुमार सिंह के रूप में हुई है, जिसके पास से केमिकल लगे रिश्वत के नोट भी बरामद कर लिए गए हैं।
जमीन की नापी के नाम पर महीनों से परेशान था आवेदक
इस पूरे मामले की शुरुआत गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र के निवासी विमलेश कुमार उर्फ राखी वर्मा की एक शिकायत से हुई थी। शिकायतकर्ता ने अपनी छब्बीस डिसमिल पुश्तैनी जमीन की सरकारी पैमाइश यानी नापी कराने के लिए बीते 5 फरवरी को राजस्व विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन दर्ज किया था। आरोप है कि सरकारी प्रक्रिया के तहत आवेदन किए जाने के कई महीने बीत जाने के बाद भी अंचल कार्यालय के स्तर पर जमीन की नापी नहीं की गई। जब पीड़ित ने संबंधित अमीन अनिल कुमार सिंह से बार-बार संपर्क किया, तो उसने काम करने के एवज में साफ तौर पर पांच हजार रुपये की अवैध घूस की मांग कर दी।
बार-बार की मांग से तंग आकर पीड़ित ने निगरानी ब्यूरो से की शिकायत
सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने और अमीन द्वारा लगातार रिश्वत के लिए दबाव बनाए जाने से परेशान होकर आखिरकार पीड़ित ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का मन बनाया। उसने इस मामले की लिखित शिकायत पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों से की। ब्यूरो की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सबसे पहले एक गोपनीय जांच अधिकारी के माध्यम से शिकायतकर्ता और अमीन के बीच हुई बातचीत का गुप्त सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के तुरंत बाद निगरानी ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक राम चौधरी के नेतृत्व में अमीन को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।
रिकॉर्ड रूम में रिश्वत लेते ही विजिलेंस टीम ने दबोचा
तय रणनीति के अनुसार, बुधवार को शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम देने के लिए मखदुमपुर अंचल कार्यालय के रिकॉर्ड रूम में पहुंचा, जहां आरोपी अमीन अनिल कुमार सिंह पहले से उसका इंतजार कर रहा था। जैसे ही पीड़ित ने पांच हजार रुपये की नकदी अमीन के हाथ में सौंपी, वहां साधारण कपड़ों में पहले से ही घात लगाकर बैठे निगरानी ब्यूरो के जवानों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। टीम ने तुरंत आरोपी के हाथ धुलवाए, जिससे केमिकल के कारण पानी का रंग गुलाबी हो गया और रिश्वतखोरी का पुख्ता प्रमाण मिल गया। इसके बाद टीम कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी कर आरोपी को अपने साथ पटना ले गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज और ब्यूरो की आम जनता से अपील
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने गिरफ्तार अमीन अनिल कुमार सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न गैर-जमानती धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है। इस सफल कार्रवाई के बाद ब्यूरो के उच्चाधिकारियों ने आम जनता से एक विशेष अपील जारी करते हुए कहा है कि यदि कोई भी सरकारी सेवक या अधिकारी किसी जायज काम को करने के बदले अनुचित लाभ या रिश्वत की मांग करता है, तो डरे बिना इसकी सूचना तत्काल निगरानी ब्यूरो को दें। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गुप्त रखते हुए ऐसे भ्रष्ट लोकसेवकों के खिलाफ सबसे सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।









