योगी सरकार का बड़ा ऐलान! मेडल विजेताओं को मिलेगी डायरेक्ट नौकरी, बदला गया जलालाबाद का नाम

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित उत्तर प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक में विकास और जनहित से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी. बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा पेश किए गए 29 प्रस्तावों में से 28 को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई, जबकि मदरसे से संबंधित एक प्रस्ताव को फिलहाल टाल दिया गया. इस बैठक का एक सबसे बड़ा फैसला शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलना रहा, जिसका नाम अब भगवान परशुराम की जन्मस्थली होने के कारण 'परशुरामपुरी' कर दिया गया है. इसके लिए भारत सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने के बाद कैबिनेट ने अंतिम स्वीकृति दे दी है.

युवाओं, स्टार्टअप और खेल जगत के लिए बड़े फैसले

प्रदेश में व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने नई स्टार्टअप नीति और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना को हरी झंडी दिखाई है, जिसके तहत 1000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड तैयार किया गया है. इसके साथ ही बंद हो चुकी डाटा सेंटर नीति को फिर से बहाल कर दिया गया है. शिक्षा के क्षेत्र में कानपुर, फतेहपुर और गाजियाबाद में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना के साथ ही रायबरेली में उद्यान विश्वविद्यालय के लिए 20 हेक्टेयर जमीन मुफ्त देने का फैसला हुआ है. खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने ओलंपिक और एशियन गेम्स जैसे बड़े आयोजनों के पदक विजेताओं को लोक सेवा आयोग के दायरे से बाहर रखकर समूह 'क' और 'ख' के पदों पर सीधी भर्ती देने का ऐतिहासिक फैसला किया है. वाराणसी में श्रम विभाग के मेडिकल कॉलेज के लिए मुफ्त जमीन आवंटित की गई है, जहां 50 फीसदी सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी.

पशुधन के लिए 'मुख्यमंत्री जोखिम पशुधन बीमा प्रबंधन योजना'

पशुपालकों और किसानों के हित में सरकार ने 'मुख्यमंत्री जोखिम पशुधन बीमा प्रबंधन योजना' को मंजूरी दी है. इसके तहत अब पशुओं का बीमा किया जाएगा, जिसमें सरकार प्रत्येक पशु (मुर्रा भैंस, विभिन्न नस्ल की गाएं, घोड़ा, बैल आदि) की कीमत तय करेगी. इस योजना के प्रीमियम में केंद्र सरकार का हिस्सा 51 फीसदी, राज्य सरकार का 34 फीसदी और पशुपालक का मात्र 15 फीसदी योगदान होगा. यह बीमा दैवीय आपदा, बीमारी या किसी दुर्घटना की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा. इसके अतिरिक्त, राज्य की गौशालाओं में रह रहे पशुओं के रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

कर्मचारियों के भत्ते में बढ़ोतरी और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों को राहत देते हुए उनकी वर्दी की सिलाई और धुलाई भत्ते में करीब 50 फीसदी की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है. अब यह राशि सात साल के बजाय हर पांच साल में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे सरकारी खजाने पर 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा. इसके साथ ही, लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों और सदस्यों की पेंशन राशि में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने अपनी प्रशासनिक मंजूरी दे दी है.