BSL लोहा चोरी कांड में बड़ी गिरफ्तारी, रसमड़ा प्लांट के MD-डायरेक्टर पुलिस के हत्थे चढ़े

0
7

दुर्ग। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से लोहा चोरी के हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस प्रशासन ने शिकंजा कसते हुए एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने रसमड़ा स्थित रायपुर पॉवर एंड स्टील लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) और निदेशक (डायरेक्टर) को दबोच लिया है। इस बहुचर्चित प्रकरण में सलाखों के पीछे पहुंचने वाले आरोपियों की कुल संख्या अब 21 हो गई है।

कंपनी के एमडी और डायरेक्टर गिरफ्तार

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार भिलाई स्टील प्लांट से चोरी किया गया लोहे का कबाड़ (स्क्रैप) रसमड़ा स्थित रायपुर पॉवर एंड स्टील प्लांट में खपाया जा रहा था। तकनीकी जांच और कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग (निवासी वालफोर्ट सिटी, भाठागांव, रायपुर) तथा डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह (निवासी स्मृति नगर, दुर्ग) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।

भिलाई स्टील प्लांट के अफसरों समेत 21 आरोपी सलाखों के पीछे

इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस पूर्व में भिलाई स्टील प्लांट के महाप्रबंधक (जीएम) और अपर महाप्रबंधक (एजीएम) स्तर के अधिकारियों समेत 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब पुलिस उन बिचौलियों और ट्रांसपोर्टरों की तलाश में जुटी है जो चोरी का माल फैक्ट्री तक पहुंचाते थे। पकड़े गए उद्योगपतियों से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे इस तंत्र में शामिल कुछ अन्य प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने की उम्मीद है।

3.22 करोड़ का माल और 250 टन स्क्रैप हुआ था जब्त

उल्लेखनीय है कि 26 मई को पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने अकलोरडीह खदानपारा स्थित एके ट्रेडर्स और हथखोज के एक बड़े गोदाम पर दबिश दी थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 90 लाख रुपये मूल्य का 250 टन लौह स्क्रैप जब्त किया था। इसके अलावा चोरी का माल ढोने में प्रयुक्त कई हाईवा, ट्रक, जेसीबी और हाइड्रा मशीनें भी जब्त की गई थीं, जिनकी कुल कीमत लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई थी।

सीआईएसएफ और सीसीटीवी को चकमा देकर फ्लाई ऐश के नीचे छिपाते थे लोहा

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी फ्लाई ऐश (राख) के नीचे लोहे के बीम, प्लेट्स और कटिंग मटेरियल छिपाकर बीएसपी के मुख्य द्वारों से बाहर निकालते थे। संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण भिलाई स्टील प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था सीआईएसएफ (CRPF/CISF) के पास है और परिसर में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे स्थापित हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी चोरी को अंजाम दिए जाने से अंदरूनी मिलीभगत की आशंका मजबूत होती है, जिसकी गहन पड़ताल जारी है।