शराब बिक्री में बड़ा बदलाव, प्रीमियम वाइन के लिए कैश पेमेंट पर रोक

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रायपुर|  छत्तीसगढ़ में प्रीमियम शराब के शौकीनों के लिए एक बहुत बड़ी और अहम खबर सामने आई है। राज्य के आबकारी विभाग ने प्रीमियम शराब की दुकानों पर भुगतान (पेमेंट) व्यवस्था को लेकर एक नया और सख्त आदेश जारी किया है, जो आज यानी 1 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गया है। इस नए आदेश के अनुसार, अब प्रदेश की सभी प्रीमियम शराब दुकानों पर नकद (कैश) पैसे देकर शराब खरीदने की सुविधा पूरी तरह से समाप्त कर दी गई है।

पहले चरण में 59 शराब दुकानों पर लागू हुआ नियम

आबकारी विभाग द्वारा उठाए गए इस कदम के तहत, पहले चरण में यह नया नियम छत्तीसगढ़ की कुल 59 प्रीमियम शराब दुकानों में लागू कर दिया गया है। इन चुनिंदा प्रीमियम दुकानों से शराब खरीदने वाले ग्राहकों को अब भुगतान के लिए केवल और केवल डिजिटल या ऑनलाइन माध्यमों का ही उपयोग करना होगा। ग्राहक बिल चुकाने के लिए यूपीआई (UPI), डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या अन्य अधिकृत डिजिटल पेमेंट विकल्पों का इस्तेमाल कर सकेंगे।

राजनांदगांव की दो प्रीमियम दुकानों पर भी नया नियम प्रभावी

इसी नए नियम के अंतर्गत राजनांदगांव में भी आज से शराब खरीदने की पूरी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शहर में दो स्थानों पर संचालित होने वाली प्रीमियम वाइन शॉप्स में अब उपभोक्ताओं को केवल ऑनलाइन पेमेंट करने के बाद ही वाइन मिल सकेगी। विभाग के इस निर्देश के बाद से स्थानीय खरीदारों को भी अब पूरी तरह से डिजिटल भुगतान प्रणाली का पालन करना होगा।

क्या कहती है नई व्यवस्था और क्यों लिया गया यह फैसला?

यदि अब आप प्रीमियम शॉप से शराब खरीदने जाते हैं, तो आपको काउंटर पर पहले डिजिटल माध्यम से भुगतान करना होगा, जिसके बाद ही आपको वाइन सौंपी जाएगी। कैश पेमेंट स्वीकार नहीं किया जाएगा। आबकारी विभाग के अनुसार, प्रीमियम दुकानों में पूरी तरह से डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने और शराब बिक्री की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ही इस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू किया गया है।

ग्राहकों पर प्रभाव और विभाग का मुख्य उद्देश्य

इस बड़े बदलाव का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो अब तक पारंपरिक रूप से नकद भुगतान करने के आदी रहे हैं। आबकारी विभाग का यह स्पष्ट मानना है कि इस कदम से वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता आएगी और शराब की बिक्री में होने वाली किसी भी प्रकार की अनियमितताओं या गड़बड़ियों पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाई जा सकेगी।