पुलिस का बड़ा खुलासा, लाला छापर लूट की साजिश का पर्दाफाश

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गोपालगंज ज्वेलर्स हत्याकांड: गुजरात के होटल में रची गई थी खूनी साजिश, मुंबई से आए थे हथियार

बिहार के गोपालगंज जिले के भोरे थाना अंतर्गत दीपक ज्वेलर्स में हुई सनसनीखेज लूट और हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। गिरफ्तार अपराधी के कबूलनामे से यह स्पष्ट हो गया है कि इस वारदात के तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं।

साजिश का केंद्र: गुजरात का होटल 'दर्शन'

पकड़े गए अपराधी सुमित सिंह उर्फ रोहित ने पूछताछ में बताया कि इस पूरी वारदात की रूपरेखा बिहार में नहीं, बल्कि गुजरात में तैयार की गई थी।

  • प्लानिंग: करीब 20 दिन पहले गुजरात के उमरगांव स्थित 'होटल दर्शन' में गिरोह की बैठक हुई थी।

  • मास्टरमाइंड: कुख्यात अपराधी मनिंदर मिश्रा (बड़का भैया) और गोलू मिश्रा ने इस डकैती का पूरा खाका खींचा था।

10-10 लाख का लालच और मुंबई के सपने

अपराधियों को लालच दिया गया था कि दुकान में करोड़ों के जेवरात हैं। गिरोह के प्रत्येक सदस्य से वादा किया गया था कि काम सफल होने पर उन्हें 10-10 लाख रुपये नकद दिए जाएंगे, जिससे वे मुंबई में अपनी नई और ऐशो-आराम की जिंदगी शुरू कर सकेंगे।


मुंबई से पहुंचा हथियारों का जखीरा

वारदात को अंजाम देने के लिए आधुनिक हथियारों का इंतजाम किया गया था:

  • गोलू मिश्रा स्वयं हथियारों के लिए मुंबई गया था।

  • वहां से 7 पिस्टल और 200 जिंदा कारतूसों का इंतजाम किया गया।

  • सुमित और विशाल यादव को मुंबई बुलाकर हथियारों से भरा बैग सौंपा गया, जिसे लेकर वे ट्रेन के जरिए वलसाड से गोरखपुर और फिर गोपालगंज पहुंचे।

'विरोध हो तो गोली मार दो' – खूनी निर्देश

पूछताछ में खुलासा हुआ कि अपराधियों को ऊपर से सख्त निर्देश थे कि लूट के दौरान कोई भी बाधा आए या विरोध हो, तो सीधे गोली चला दी जाए। इसी क्रूरता के कारण दुकान में घुसते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। वारदात में शामिल अन्य अपराधियों की पहचान विशाल यादव, शत्रुघ्न राम, रोहित राम, फरमान और गोल्डन के रूप में हुई है, जो बोलेरो और बाइकों पर सवार होकर आए थे।


झाड़ियों से मिला लूटा हुआ माल

गिरफ्तार सुमित की निशानदेही पर पुलिस ने करमासी गांव के एक बगीचे की झाड़ियों से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण और हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल बरामद कर ली है। सुमित ने बताया कि भीड़ द्वारा पीछा किए जाने पर उसने घबराहट में यह सामान वहां छिपा दिया था।