जयपुर: जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत दक्षिण जिला पुलिस ने ऑनलाइन और बैंकिंग धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'म्यूल हंटर' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एटीएम (ATM) बूथों पर चालाकी से कार्ड बदलकर आम जनता के बैंक खातों से गाढ़ी कमाई उड़ाने वाले एक बेहद शातिर साइबर ठग को दबोच लिया है। पकड़ा गया आरोपी मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले का निवासी है और पिछले काफी समय से जयपुर के अलग-अलग इलाकों में घूम-घूमकर इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
संयुक्त टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को दबोचा
इस शातिर अपराधी को पकड़ने के लिए पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) के कुशल निर्देशन में महेश नगर थाना पुलिस और जिला साइबर सेल की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट्स और मुखबिरों की सूचना के आधार पर जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अलग-अलग राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के 24 एक्टिव एटीएम व डेबिट कार्ड, वारदात में इस्तेमाल होने वाला वाहन और मोबाइल फोन बरामद किया है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने जयपुर शहर में करीब एक दर्जन से अधिक ठगी की वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है।
मदद के बहाने ऐसे बनाता था शिकार
पुलिस तफ्तीश में आरोपी के काम करने के अनोखे और शातिर तरीके का पर्दाफाश हुआ है। आरोपी अक्सर ऐसे एटीएम बूथों को चुनता था जहाँ सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं होते थे। वह बूथ के बाहर या भीतर खड़े होकर ऐसे ग्राहकों की तलाश करता था जो बुजुर्ग हों, महिलाएं हों या जिन्हें मशीन चलाने की कम जानकारी हो। जब पीड़ित अपना पिन दर्ज कर रहा होता, तो वह चुपके से उसका गोपनीय पिन नंबर देख लेता था। इसके बाद मशीन में खराबी या सर्वर डाउन होने का नाटक कर मदद के बहाने वह पीड़ित का असली कार्ड अपने पास मौजूद किसी पुराने या बंद कार्ड से बदल देता था और बाद में उस कार्ड से पैसे निकाल लेता था।
दर्जनों थानों में पहले से दर्ज हैं मुकदमे
पकड़े गए ठग का पुराना आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा रहा है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ जयपुर के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, चोरी, जालसाजी और साइबर क्राइम से जुड़े 10 से अधिक आपराधिक मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। वह शिप्रापथ और सोडाला थाना क्षेत्रों में दर्ज हालिया मामलों में भी पुलिस के लिए वांछित चल रहा था। पुलिस अब कोर्ट से रिमांड लेकर आरोपी से उसके पूरे नेटवर्क, चोरी के पैसों को खपाने के तरीकों और इस पूरे खेल में शामिल उसके अन्य संभावित साथियों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने जारी की जरूरी गाइडलाइंस
इस बड़ी कामयाबी के बाद जयपुर पुलिस ने आम नागरिकों के लिए एक विशेष जागरूकता संदेश जारी किया है। पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे एटीएम का उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें और अपना गोपनीय पिन दर्ज करते समय कीपैड को हाथ से जरूर ढकें। किसी भी अनजान व्यक्ति को मदद के लिए अपना कार्ड न सौंपें। यदि कभी ऐसा लगे कि कार्ड बदल गया है या खाते से अनधिकृत पैसे कटे हैं, तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें, अपने बैंक से संपर्क कर कार्ड ब्लॉक कराएं और नजदीकी थाने को सूचित करें।









