जयपुर। राजस्थान में मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है और पूरे प्रदेश में मेघ मेहरबान बने हुए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को राज्य के दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी अंचलों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। मानसून के इस आक्रामक रुख को देखते हुए प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
हाड़ौती अंचल में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक कोटा, बारां और झालावाड़ सहित हाड़ौती के इलाकों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। इन जिलों में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ-साथ चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में अगले दो दिनों तक मानसून का यह सबसे उग्र रूप बना रहेगा, जिसके बाद शुक्रवार से भारी बरसात के दौर में थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के दर्जनों जिलों में अलर्ट
राज्य के पूर्वी हिस्से के अजमेर, उदयपुर, भीलवाड़ा, अलवर, भरतपुर और सीकर सहित करीब दो दर्जन जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की मानसूनी फुहारें गिरने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही मरुधरा यानी पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर, नागौर, पाली, जालौर और श्रीगंगानगर जैसे रेतीले इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा और वहां के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही के बीच अच्छी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
राजधानी में तीन दिनों तक बादलों का डेरा और पीला अलर्ट
गुलाबी नगरी जयपुर में सुबह से ही आसमान में घने बादलों ने डेरा डाल रखा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में तेज हवाओं के झोंकों के साथ झमाझम बारिश होने के आसार बने हुए हैं, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इस दौरान राजधानी का अधिकतम पारा चौंतीस डिग्री और न्यूनतम तापमान छब्बीस डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की उम्मीद है जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
बीते चौबीस घंटों में कहीं उमस तो कहीं झमाझम बरसात
पिछले एक दिन के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिले, जहां अजमेर में सबसे ज्यादा करीब सोलह मिलीमीटर पानी बरसा और वहां के तापमान में गिरावट आई। वहीं अलवर में दो दिनों से जारी उमस भरी गर्मी के बाद हुई तेज बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया जिससे पारा करीब पांच डिग्री तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ कोटा और उदयपुर में हल्की बूंदाबांदी तो हुई लेकिन हवा में नमी के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा।









