एयरपोर्ट प्रबंधन के लिए चिंता का विषय

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इंदौर एयरपोर्ट की रैंकिंग में भारी गिरावट: एयपोर्ट सर्विस क्वालिटी में 6वें से सीधे 13वें स्थान पर फिसला

इंदौर: अपनी विश्वस्तरीय सुविधाओं के लिए पहचाने जाने वाले इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट की साख को बड़ा धक्का लगा है। एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (ASQ) की ताजा रैंकिंग में इंदौर एयरपोर्ट देश के 16 प्रमुख हवाई अड्डों की सूची में 6वें पायदान से गिरकर सीधे 13वें स्थान पर पहुँच गया है। अब स्थिति यह है कि इंदौर केवल अमृतसर, पोर्ट-ब्लेयर और श्रीनगर जैसे तीन एयरपोर्ट्स से ही आगे बचा है।

दो वर्षों में लगातार आई गिरावट

हवाई अड्डे की रैंकिंग में पिछले दो सालों से निरंतर गिरावट देखी जा रही है। गौरतलब है कि साल 2024 की अंतिम तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में इंदौर देश में दूसरे स्थान पर काबिज था। 2025 में यह खिसककर छठे स्थान पर आया और अब 2026 की ताजा रिपोर्ट में यह 13वें पायदान पर पहुँच चुका है। दूसरी ओर, पुणे एयरपोर्ट ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि चेन्नई और गोवा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे हैं।

31 में से 28 मानकों पर यात्री नाराज

एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) द्वारा कराए गए इस सर्वे में यात्रियों से 31 अलग-अलग मानकों पर फीडबैक लिया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि यात्रियों ने 28 पैरामीटर्स पर अपना असंतोष व्यक्त किया है। यात्रियों की नाराजगी के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  • स्टाफ का व्यवहार: कर्मचारियों के बर्ताव को लेकर यात्रियों ने रेटिंग कम दी है।

  • बुनियादी सुविधाएं: फ्री वाई-फाई और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई गई।

  • साफ-सफाई और खान-पान: एयरपोर्ट परिसर की स्वच्छता और रेस्टोरेंट में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं।

क्या है रैंकिंग का आधार?

यह सर्वे उन हवाई अड्डों पर कराया जाता है जहाँ सालाना यात्रियों की संख्या 18 लाख से अधिक होती है। इंदौर एयरपोर्ट का ग्राफ गिरने से भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे अन्य शहरों के यात्रियों में भी निराशा है, क्योंकि इंदौर को पूरे प्रदेश का प्रमुख ट्रांजिट हब माना जाता है।