पलासिया पुलिस मुख्यालय पर जुटेंगे ऑटो-कार चालक, बाइक टैक्सी के खिलाफ उठाएंगे आवाज

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इंदौर (मध्य प्रदेश)|  मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में बाइक टैक्सी के अवैध संचालन के विरोध में ऑटो रिक्शा और कार टैक्सी चालकों द्वारा आज शाम 4:30 बजे पलासिया स्थित स्थानीय पुलिस मुख्यालय पर एक बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन के माध्यम से चालक अपनी विभिन्न प्रमुख माँगों को प्रमुखता से उठाएंगे और प्रदर्शन के पश्चात पुलिस कमिश्नर सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को एक आधिकारिक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। चालकों का यह विरोध मुख्य रूप से बाइक टैक्सी के संचालन, चालकों के पुलिस सत्यापन (पुलिस वेरिफिकेशन), निजी वाहनों के धड़ल्ले से हो रहे कमर्शियल इस्तेमाल और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर केंद्रित है।

प्रमुख आंदोलन के मुद्दे और बिना वेरिफिकेशन चल रहीं टैक्सियाँ

ऑटो रिक्शा चालक महासंघ के शहर अध्यक्ष निलेश सूर्यवंशी, पंकज मालवीय और हरीश पंवार ने जानकारी देते हुए बताया कि बाइक टैक्सी के अवैध संचालन के खिलाफ वर्ष 2019 से लेकर अब तक कई बार आंदोलन किए जा चुके हैं। संघ का गंभीर आरोप है कि वर्तमान में शहर की सड़कों पर 20 हजार से अधिक बाइक टैक्सी चालक बिना किसी पुलिस सत्यापन (पुलिस वेरिफिकेशन) के वाहन चला रहे हैं, जिससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े होते हैं। इसके अलावा, घरेलू उपयोग वाले निजी (डोमेस्टिक) वाहनों का धड़ल्ले से व्यावसायिक (कमर्शियल) कार्यों में इस्तेमाल किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है।

यात्री सुरक्षा, बीमा और दूसरे राज्यों की गाड़ियों का संचालन

महासंघ के अनुसार, इंदौर में न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अन्य शहरों और दूसरे राज्यों से लाई गई बाइक भी टैक्सी के रूप में अवैध रूप से संचालित हो रही हैं। संगठन ने यह भी रेखांकित किया कि यदि बाइक टैक्सी का कोई दुर्घटना (एक्सीडेंट) हो जाती है, तो यात्रा करने वाले यात्री को किसी प्रकार का दुर्घटना बीमा (एक्सीडेंट इंश्योरेंस) का लाभ नहीं मिलता है। इन्हीं तमाम ज्वलंत मुद्दों को लेकर ऑटो और टैक्सी चालकों ने एक बार फिर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।

परिवहन विभाग की अनुमति का अभाव और पूर्व निर्देश

संगठन के पदाधिकारियों का दावा है कि इन बाइक टैक्सी कंपनियों के पास परिवहन विभाग से संचालन की वैध अनुमति तक नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व में तत्कालीन कलेक्टर जाटव द्वारा शहर में बाइक टैक्सी के संचालन को प्रतिबंधित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, किंतु यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की उदासीनता के कारण ज़मीन पर कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली। महासंघ का यह भी कहना है कि वर्ष 2024 में माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) द्वारा इस विषय पर संबंधित विभागों को उचित निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद परिवहन विभाग ने कुछ दोपहिया वाहनों पर मामूली कार्रवाई तो की थी, परंतु उसके पश्चात मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन और ज्ञापन की रूपरेखा

बाइक टैक्सी के इस बढ़ते अवैध कारोबार और प्रशासनिक लापरवाही से उपजे आक्रोश को लेकर इंदौर ऑटो रिक्शा चालक महासंघ ने हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की थी। उसी बैठक में यह सर्वसम्मति से तय किया गया था कि 1 अक्टूबर को दोपहर 4:30 बजे पलासिया स्थित पुलिस मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा, और प्रदर्शन के तुरंत बाद पुलिस कमिश्नर सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की माँग की जाएगी।