जमीन विवाद में बाबा बागेश्वर के भाई शालिग्राम गर्ग पर फायरिंग का आरोप, घायल अस्पताल में भर्ती

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छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक बहुत बड़ी और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली खबर सामने आई है। सुप्रसिद्ध बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग एक बार फिर गंभीर विवादों और पुलिसिया कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं। इस बार उन पर और उनके सहयोगियों पर एक गरीब ग्रामीण की जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश करने, लाठी-डंडों से जानलेवा हमला करने और दहशत फैलाने के लिए खुलेआम बंदूक से फायरिंग करने का बेहद संगीन आरोप लगा है।

इस वारदात में गोली लगने से एक ग्रामीण बुरी तरह घायल हो गया है, जिसे आनन-फानन में इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त है और पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

राजनगर के ग्राम कोड़ा में हुआ खूनी संघर्ष; वीडियो में सहयोगियों के साथ उल्टे पांव भागते दिखे शालिग्राम गर्ग

छतरपुर: पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह पूरी हिंसक वारदात छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोड़ा में घटित हुई है:

  • मोतीलाल कुशवाहा हुए घायल: जमीन विवाद में हुए इस हमले में घायल व्यक्ति की पहचान स्थानीय निवासी मोतीलाल कुशवाहा के रूप में की गई है।

  • वीडियो आया सामने: वारदात के ठीक बाद का एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बागेश्वर धाम प्रमुख के भाई शालिग्राम गर्ग और उनके साथी वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से भागते हुए साफ नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, लहूलुहान पीड़ित के आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शालिग्राम गर्ग के पीछे दौड़ते, उन्हें खरी-खोटी सुनाते और गुस्से में पथराव करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

'गरीबों की जमीन औने-पौने दाम पर बेचने का बना रहे थे दबाव, मना करने पर निकाल ली बंदूक'

छतरपुर: अस्पताल के बेड पर जिंदगी की जंग लड़ रहे पीड़ित ग्रामीण मोतीलाल कुशवाहा ने घटना की आपबीती बताते हुए शालिग्राम गर्ग पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं:

  • जमीन हड़पने की साजिश: पीड़ित मोतीलाल का आरोप है कि बागेश्वर बाबा के भाई शालिग्राम गर्ग पिछले काफी समय से गांव के सीधे-साधे और गरीब किसानों की बेशकीमती जमीनों पर नजर गड़ाए हुए हैं। वे लगातार ग्रामीणों पर अपनी पुश्तैनी जमीन को औने-पौने दामों पर उनके पक्ष में बेचने के लिए डरा-धमकाकर मानसिक दबाव बना रहे थे।

  • लाठी-डंडों से हमला और फायरिंग: जब पीड़ित परिवार ने इस तानाशाही का कड़ा विरोध किया और अपनी जमीन देने से साफ मना कर दिया, तो शालिग्राम गर्ग अपने दर्जनों गुर्गों के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर जमीन पर कब्जा करने आ धमके। विरोध बढ़ने पर उन्होंने अपने पास रखी अवैध बंदूक निकाली और सीधे ग्रामीणों पर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस अधीक्षक (SP) का बड़ा बयान: तीन से चार राउंड हुई फायरिंग, शालिग्राम समेत तीन लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज

छतरपुर: इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए छतरपुर जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) रजत सकलेचा ने मीडिया को आधिकारिक जानकारी देते हुए पुलिस की त्वरित कार्रवाई का ब्योरा साझा किया है:

  • गोली पेट और कान को छूकर निकली: एसपी रजत सकलेचा ने पुष्टि की कि घटना स्थल पर आरोपियों की तरफ से लगभग 3 से 4 राउंड फायरिंग की गई है। इसमें एक हवाई फायर था, जबकि एक गोली पीड़ित मोतीलाल कुशवाहा के कान को चीरती हुई निकली और दूसरी गोली उनके पेट के हिस्से को छूते हुए पार हो गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

  • नामजद मुकदमा दर्ज: पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी शालिग्राम गर्ग, उनके साथी सतीश और आशीष सहित एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।

  • खोखे बरामद करने में जुटी टीम: एसडीओपी (SDOP) के विशेष नेतृत्व में पुलिस की एक खोजी टीम को तुरंत घटनास्थल कोड़ा गांव के लिए रवाना किया गया है। पुलिस की फॉरेंसिक टीम मौके से चली हुई गोलियों के खोखे और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। पुलिस अधीक्षक ने साफ शब्दों में कहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है; वीडियो फुटेज और बरामद साक्ष्यों के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।