दमोह में भालू ने युवक पर किया हमला, गंभीर हालत में वन विभाग ने पहुंचाई मदद

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दमोह: मध्य प्रदेश के दमोह जिले के अंतर्गत आने वाले हटा वन परिक्षेत्र से वन्यजीव के हमले की एक खौफनाक घटना सामने आई है। दूल्हादेव इलाके में जंगल की तरफ से लौट रहे एक ग्रामीण पर भालू ने पीछे से अचानक जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस अचानक हुई दुर्घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

जंगल से घर लौटते समय हुआ अचानक हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल व्यक्ति बिहारी आदिवासी किसी काम से कुंडा झनझन के जंगली क्षेत्र में गया हुआ था और अपना काम समाप्त करने के बाद वापस अपने घर लौट रहा था। जैसे ही वह दूल्हादेव के समीप पहुंचा, तभी घात लगाकर बैठे एक भालू ने उस पर पीछे से अचानक हमला कर दिया। हमला इतना तीव्र और अचानक था कि उसे संभलने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिला। किसी तरह अपनी जान बचाकर उसने आसपास के लोगों को घटना की सूचना दी, जिसके बाद ग्रामीणों ने उसे तुरंत बटियागढ़ अस्पताल पहुंचाया।

बटियागढ़ से दमोह जिला अस्पताल किया गया रेफर

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बटियागढ़ में प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने घायल की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तुरंत दमोह जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। भालू के नाखूनों और दांतों के वार से पीड़ित के शरीर पर कई गहरे घाव और चोटें आई हैं। जिला अस्पताल में उसका इलाज कर रहे चिकित्सकों की देखरेख में स्वास्थ्य लाभ दिया जा रहा है, और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

पुलिस और वन विभाग ने लिया जायजा, दी सहायता राशि

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय चौकी प्रभारी अभिलाष उदेनिया तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और घायल बिहारी आदिवासी से मिलकर उसका हालचाल जाना। इसके साथ ही पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मामले की पूरी जानकारी जुटाई। वन्यप्राणी के हमले से जुड़े आधिकारिक विभागीय प्रावधानों के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल को फौरी राहत के रूप में एक हजार रुपये की नकद सहायता राशि भी उपलब्ध कराई गई है।

ग्रामीणों में खौफ का माहौल, वन विभाग से बढ़ाई गई मांग

इस भीषण घटना के बाद से दूल्हादेव और उसके आसपास के तमाम ग्रामीण इलाकों में भालू की मौजूदगी को लेकर भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। डरे हुए ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब अपने रोजमर्रा के कामों के लिए भी जंगल या खेतों की तरफ जाने में डर लगने लगा है। क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि जंगली जानवरों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जाए और क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।