भोपाल| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सभी मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को यह साफ तौर पर निर्देशित किया है कि यदि देश के युवाओं तक अपनी बात पहुंचानी है और उनसे सीधे जुड़ना है, तो इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय होना बेहद जरूरी है। पीएम के इस कड़े निर्देश के बाद मध्य प्रदेश सरकार के मंत्रियों की सोशल मीडिया ताकत और उनकी डिजिटल पहुंच की जब पड़ताल की गई, तो बड़े ही दिलचस्प और चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इस रिपोर्ट कार्ड में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 2 मिलियन (20 लाख) से अधिक फॉलोअर्स के साथ सबसे शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि कैबिनेट में कुछ ऐसे मंत्री भी हैं जिनके फॉलोअर्स की संख्या 4 हजार तक भी नहीं पहुंच पाई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव और शीर्ष मंत्रियों की स्थिति
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्रियों के इंस्टाग्राम अकाउंट्स का जब विश्लेषण किया गया, तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 2 मिलियन फॉलोअर्स के साथ पहले पायदान पर नजर आए। वहीं मोहन कैबिनेट के अन्य वरिष्ठ मंत्रियों की बात करें तो:
कैलाश विजयवर्गीय (नगरीय विकास मंत्री) — 7.44 लाख फॉलोअर्स के साथ दूसरे स्थान पर।
विश्वास कैलाश सारंग (सहकारिता एवं खेल मंत्री) — 3.84 लाख फॉलोअर्स।
प्रहलाद सिंह पटेल (पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री) — 1.77 लाख फॉलोअर्स।
राजेन्द्र शुक्ला (उपमुख्यमंत्री) — 1.55 लाख फॉलोअर्स।
इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार के बड़े चेहरे डिजिटल दुनिया के माध्यम से लाखों नागरिकों के साथ सीधे जुड़े हुए हैं और रील्स व पोस्ट के जरिए सरकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचा रहे हैं।
इन मंत्रियों के फॉलोअर्स 10 हजार से भी कम
हालांकि, इस रिपोर्ट कार्ड का दूसरा पहलू काफी फीका है, क्योंकि कई मंत्रियों की सोशल मीडिया पर पहुंच अब तक बेहद सीमित बनी हुई है।
कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह के इंस्टाग्राम पर केवल 3,924 फॉलोअर्स हैं, जो पूरी कैबिनेट में सबसे कम हैं।
उनके बाद राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल (7,358 फॉलोअर्स) और कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह (9,484 फॉलोअर्स) का नंबर आता है। इन तीनों ही मंत्रियों के फॉलोअर्स की संख्या 10 हजार के आंकड़े को भी पार नहीं कर पाई है।
ज्यादातर मंत्री रख रहे हैं सोशल मीडिया हैंडलर
इस पूरी पड़ताल के दौरान एक और दिलचस्प बात यह भी सामने आई है कि अधिकांश मंत्रियों के इंस्टाग्राम अकाउंट्स का संचालन खुद वे नहीं करते, बल्कि उनके व्यक्तिगत सलाहकार या अन्य तकनीकी सहयोगी ही इन अकाउंट्स को संभालते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “रील्स के जरिए जनता तक पहुंच” वाले फॉर्मूले के बाद अब मोहन सरकार के सभी मंत्रियों के सामने एक बड़ी डिजिटल परीक्षा खड़ी हो गई है। जिन मंत्रियों के पास लाखों फॉलोअर्स हैं, उन्हें अपनी इस बढ़त को और मजबूत करना है, वहीं जिनके फॉलोअर्स हजारों में भी नहीं हैं, उन्हें सोशल मीडिया पर अपनी पकड़ को तेजी से सुधारना होगा। मौजूदा दौर में केवल चुनावी मैदान ही नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम की रील्स और डिजिटल मौजूदगी भी जनसमर्थन और राजनीति की दिशा तय कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सबसे आगे हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर 106 मिलियन यानी 10.6 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स के साथ दुनिया के इकलौते ऐसे राजनीतिक नेता बन चुके हैं, जिनके फॉलोअर्स की संख्या 10 करोड़ के पार है। साल 2014 में इस प्लेटफॉर्म से जुड़े पीएम मोदी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके फॉलोअर्स अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भी दोगुने से अधिक हैं। पीएम मोदी की इसी अनूठी कार्यशैली और सलाह के बाद अब देश के विभिन्न राज्यों में भी मंत्रियों की सोशल मीडिया सक्रियता को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।








