भोपाल| प्रदेश के सभी विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र का आगाज हो चुका है और नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं, परंतु मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत शिक्षकों की भारी किल्लत के बावजूद परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिल पाई है। लगभग 2,200 चयनित प्राथमिक शिक्षक वर्तमान में भर्ती प्रक्रिया के आरंभ होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की शिकायत है कि परीक्षा परिणाम घोषित हुए पाँच माह का समय बीत चुका है, किंतु अभी तक दस्तावेजों का सत्यापन कार्य भी प्रारंभ नहीं किया जा सका है।
उल्लेखनीय है कि प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ष 2024 में आयोजित हुई थी, जिसके पश्चात चयन परीक्षा वर्ष 2025 में संपन्न हुई और गत 27 फरवरी 2026 को इसके परिणाम घोषित कर दिए गए थे। इसके बावजूद जनजातीय कार्य विभाग द्वारा अब तक नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया गया है, जिससे अभ्यर्थियों में निराशा का माहौल है।
लगभग 16 हजार पद रिक्त, फिर भी प्रक्रिया अटकी
इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जिस विभाग के भीतर शिक्षकों का भारी टोटा है, वहीं भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से ठप पड़ी हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनजातीय कार्य विभाग के अधीन लगभग 16,000 शिक्षकों के पद खाली पड़े हुए हैं। इनमें लगभग 10,000 पद प्राथमिक शिक्षकों के तथा करीब 6,000 पद माध्यमिक शिक्षकों के शामिल हैं। इन रिक्तियों के बावजूद योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति से वंचित रखा गया है।
2,900 पदों पर निकली थी भर्ती, 2,200 चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति के इंतजार में
विभाग द्वारा कुल 2,900 प्राथमिक शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया निकाली गई थी, जिनमें से लगभग 2,200 अभ्यर्थियों का चयन भी सफलताપూర్वक हो चुका है। इसके बावजूद पाँच महीने गुजर जाने के बाद भी उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए हैं। चयनित युवाओं का कहना है कि परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात भी बेरोजगारी का सामना करना उनके लिए बेहद कष्टदायक स्थिति है।
विद्यार्थियों की पठन-पाठन व्यवस्था पर असर
प्रदेशभर में नया शैक्षणिक सत्र आरंभ हो चुका है और सुदूर जनजातीय अंचलों के स्कूलों में कक्षाएं भी लग रही हैं। परंतु शिक्षकों के हजारों पद रिक्त होने के कारण विद्यार्थियों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। दूसरी तरफ, नौकरी की पात्रता रखने वाले चयनित अभ्यर्थी घर पर बैठने को विवश हैं। इन अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार और जनजातीय कार्य विभाग से पुरजोर माँग की है कि दस्तावेजों के सत्यापन, काउंसिलिंग और नियुक्ति की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए, ताकि शिक्षकों की कमी को दूर करते हुए चयनित युवाओं को विद्यालयों में पदस्थ किया जा सके।
विभाग का पक्ष: भर्ती प्रक्रिया जारी, जल्द मिलेगी नियुक्ति
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त तरुण राठी ने स्पष्ट किया है कि विभाग के अंतर्गत शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया अनवरत रूप से जारी है और चयनित अभ्यर्थियों को जल्द ही नियुक्ति प्रदान की जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया है कि जॉइनिंग प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होने दी जाएगी। आयुक्त ने यह भी कहा कि वह इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से पुनः चर्चा करेंगे ताकि सभी जरूरी औपचारिकताएं कम से कम समय में पूरी कर चयनित शिक्षकों को शीघ्र नियुक्ति दी जा सके।








