एमपी में बिजली बिल बढ़ने की तैयारी, FCPPA सरचार्ज 2.66% बढ़ने से उपभोक्ता परेशान

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भोपाल| मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और जेब पर भारी पड़ने वाली खबर सामने आई है। ईंधन (फ्यूल) की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि और पावर परचेज के बढ़ते खर्च का हवाला देते हुए राज्य की बिजली वितरण कंपनियों ने आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल दिया है। फ्यूल कॉस्ट एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट (FCPPA) सरचार्ज में भारी बढ़ोतरी कर दी गई है, जिसका सीधा असर मध्य प्रदेश के करीब 2 करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ने जा रहा है।

बिजली उत्पादन में कमी और ग्रामीण इलाकों में कटौती

यह संकट केवल सरचार्ज तक सीमित नहीं है, बल्कि इस वर्ष मानसून के दौरान कम बारिश होने के कारण पनबिजली (Hydel Projects) उत्पादन में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। जल विद्युत परियोजनाओं में बिजली का उत्पादन घटने के कारण संपूर्ण बिजली वितरण व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। यही मुख्य वजह है कि मध्य प्रदेश के तमाम ग्रामीण अंचलों में अब रात के समय कई-कई घंटे की अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। स्थिति यह है कि अब राजधानी भोपाल के आसपास के ग्रामीण इलाकों और उपनगरीय बस्तियों से भी रात के समय बिजली गुल होने की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।

आम आदमी की जेब पर कितना पड़ेगा इसका असर?

बिजली कंपनियों ने एफसीपीपीए (FCPPA) सरचार्ज को 1.11 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 3.77 प्रतिशत कर दिया है। इसका अर्थ यह है कि अब उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिलों में पहले की तुलना में 2.66% अतिरिक्त सरचार्ज जुड़कर आएगा। उदाहरण के लिए, जिन घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली की खपत 200 से 300 यूनिट के बीच है, उनके आगामी अगस्त माह के बिजली बिल में लगभग 35 रुपये से लेकर 87 रुपये तक की अतिरिक्त राशि जुड़कर आएगी। बिजली वितरण कंपनियों का इस संबंध में यह तर्क है कि गर्मियों और वर्तमान सीजन में बिजली की बढ़ती माँग तथा कम उत्पादन के बीच विद्युत आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया था।

पावर मैनेजमेंट कंपनी की ओर से जारी हुआ आधिकारिक आदेश

मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि जुलाई 2026 के लिए फ्यूल और पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज 3.77 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। यह प्रशासनिक निर्णय बिजली आपूर्ति और व्हीलिंग के टैरिफ से जुड़े रेगुलेशन-2021 तथा उसके तमाम संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत लिया गया है। मुख्य महाप्रबंधक (Chief General Manager) के निर्देशों के अनुपालन में यह नया बढ़ा हुआ सरचार्ज 24 जुलाई 2026 से उपभोक्ताओं के मूल एनर्जी चार्ज पर वसूला जाना शुरू कर दिया गया है।