भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शातिर जालसाज ने खुद को फिजियोथेरेपिस्ट बताकर एक बुजुर्ग को अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी ने घुटने के दर्द को बिना ऑपरेशन के पूरी तरह ठीक करने का झूठा भरोसा देकर बुजुर्ग से चार लाख रुपये नकद ठग लिए, हालांकि बुजुर्ग की सूझबूझ से एक बड़ा वित्तीय नुकसान टल गया।
सब्जी मंडी में हुई थी जालसाज से मुलाकात, बातचीत के जरिए पीड़ित को भरोसे में लेकर दिया वारदात को अंजाम
सायबर पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सनसिटी निवासी 64 वर्षीय दीपरत्न सक्सेना बिट्टन मार्केट की सब्जी मंडी गए थे, जहां एक युवक ने उनके घुटने के दर्द को देखकर बातचीत शुरू की। आरोपी ने अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में बुजुर्ग को उलझाया और खुद को एक विशेषज्ञ फिजियोथेरेपिस्ट 'आशीष आचार्य' का परिचित बताते हुए उनका मोबाइल नंबर देकर इलाज का भरोसा दिलाया।
घर पर पहुंचकर ब्लेड से चीरा लगाकर किया फर्जी इलाज, ऐंठे गए चार लाख रुपये और छह लाख का चेक
घटना के दो दिन बाद आरोपी आशीष आचार्य पीड़ित के घर पहुंचा और बिना किसी सर्जरी के दर्द दूर करने का दावा किया। इलाज के दौरान उसने बुजुर्ग के घुटने पर ब्लेड से कट लगाया और एक उपकरण से तरल पदार्थ निकालकर उसे जहरीला तत्व बता दिया। इसके एवज में उसने दस लाख रुपये मांगे, जिस पर बुजुर्ग की पत्नी ने चार लाख रुपये नकद और छह लाख रुपये का चेक एडवांस में सौंप दिया।
बुजुर्ग की सतर्कता से बचा छह लाख का चेक, पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की देशव्यापी गिरोह की तलाश
रकम देने के बाद जब बुजुर्ग दंपती को आरोपी की हरकतों पर शक हुआ, तो उन्होंने बिना देर किए बैंक पहुंचकर छह लाख रुपये के चेक का भुगतान तुरंत रुकवा दिया, जिससे उनकी बड़ी बचत हो गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस तरह का गिरोह गुजरात के अहमदाबाद समेत अन्य स्थानों पर भी बुजुर्गों को निशाना बना चुका है, और पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।









