भोपाल| मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद वितरण प्रणाली में आवश्यक सुधार की माँग को लेकर अन्नदाताओं का उग्र प्रदर्शन निरंतर जारी है। बीते मंगलवार को किसानों ने अपनी विभिन्न माँगों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की योजना बनाई थी, किंतु पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए लगभग दो से तीन हजार किसानों को आरआरएल तिराहे के समीप ही रोक लिया था। आज, यानी 29 जुलाई को आंदोलनकारी किसानों का यह समूह आगे बढ़ते हुए बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के निकट तक पहुँच गया है।
किसानों से संवाद स्थापित करने के लिए विशेष समिति का गठन
इस गरमागरम राजनीतिक और सामाजिक माहौल के बीच राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के इस चल रहे आंदोलन पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "किसानों का सर्वांगीण कल्याण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी संकल्प को चरितार्थ करते हुए वर्ष 2026 को पूरे प्रदेश में 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। अन्नदाताओं के हित में लगातार कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। उनकी समस्याओं के त्वरित और स्थायी समाधान के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो सीधे किसानों से संवाद स्थापित कर उनकी हर बात को गंभीरता से सुनेगी।"
मुख्यमंत्री ने आगे यह भी कहा कि बीते रोज राज्य के कृषि मंत्री ने किसानों से विस्तृत चर्चा की थी और आज भी मंत्री तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारी इस संवाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे। सरकार किसानों के हित में आने वाले प्रत्येक सकारात्मक और व्यावहारिक सुझाव का खुले दिल से स्वागत करती है।
समिति के सदस्य करेंगे किसानों से सीधी बातचीत
घटित इस विशेष समिति में मध्य प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंसाना के साथ-साथ वरिष्ठ मंत्री कृष्णा गौर, विश्वास सारंग, राकेश सिंह और प्रशासनिक अधिकारियों का एक दल शामिल है, जो किसानों के प्रतिनिधियों से संवाद करेगा। मुख्यमंत्री द्वारा गठित इस विशेष समिति की आज एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक भी आहूत की गई है। इस बैठक में सबसे पहले वरिष्ठ अधिकारी किसानों की प्रमुख माँगों और वर्तमान मैदानी स्थिति पर एक विस्तृत प्रस्तुति (प्रेजेंटेशन) देंगे, जिसके उपरांत समिति के मंत्रीगण किसानों से आमने-सामने चर्चा करेंगे। यह समिति किसानों की सभी समस्याओं के निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान की दिशा में कार्य करेगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री को लिखा गया पत्र
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, राज्य के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक आधिकारिक पत्र प्रेषित किया है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया है कि राज्य में 14 मई से 3 जुलाई 2026 के मध्य लगभग 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग का कुल उत्पादन हुआ है, जबकि वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा केवल 4.54 लाख मीट्रिक टन खरीद का ही लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मंत्री ने तर्क दिया है कि इस अपर्याप्त लक्ष्य के कारण प्रदेश के एक बड़े हिस्से के किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के लाभ से वंचित रह जाएंगे, इसलिए कोटे को बढ़ाया जाना अति आवश्यक है।









