भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के पश्चात लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित होकर सबसे दीर्घकाल तक प्रधानमंत्री के पद पर बने रहने का एक नया कीर्तिमान पीएम मोदी ने स्थापित किया है। उनके कार्यकाल में देश के करोड़ों नागरिकों को गरीबी के चक्रव्यूह से मुक्ति मिली है, साथ ही आंतरिक सुरक्षा, सुशासन और सीमाओं के संरक्षण को अभूतपूर्व शक्ति प्राप्त हुई है। दिल्ली के लिए प्रस्थान करने से पूर्व भोपाल के विख्यात गुफा मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ तथा विशेष पूजा-अर्चना करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के विरोधियों को उनकी ही सरजमीं पर मुंहतोड़ जवाब देने का साहस दिखाया है। उनके मजबूत इरादों के कारण आज संपूर्ण विश्व में भारत की साख एक आत्मविश्वासी और शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित हुई है। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से कामना की कि आगामी वर्ष 2029 में भी देश की जनता को पीएम मोदी के नेतृत्व में सेवा का पुन: अवसर प्राप्त हो।
जवाहरलाल नेहरू के सबसे लंबे कार्यकाल का कीर्तिमान पीछे छूटा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐतिहासिक तथ्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के बाद देश में सर्वाधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का गौरव अब तक पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम दर्ज था, जिसे वर्तमान प्रधानमंत्री ने अपने अथक सेवाकाल से पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि यह समस्त भारतवासियों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है कि एक बेहद सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले व्यक्तित्व ने राष्ट्र के शीर्ष पद पर आसीन होकर अपना पूरा जीवन लोक-कल्याण के लिए समर्पित कर दिया है। डॉ. यादव ने राजनीतिक आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि मौजूदा समय में देश के 17 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की और कुल 22 राज्यों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकारें पूरी मजबूती से चल रही हैं, जो प्रधानमंत्री की नीतियों पर देश की जनता के अटूट विश्वास का सबसे बड़ा प्रमाण हैं।
कांग्रेस की अंदरूनी अव्यवस्था और लापरवाही के कारण निरस्त हुआ नामांकन
राज्यसभा चुनाव के हालिया घटनाक्रम पर मुख्य विपक्षी दल को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र का खारिज होना पूरी तरह से कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी, अव्यवस्था और सांगठनिक विफलता का नतीजा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आसन्न पराजय के भय और आपस की खींचतान में फंसी कांग्रेस अपने उम्मीदवार का पर्चा तक विधिवत और त्रुटिहीन तरीके से भरने में अक्षम साबित हुई। उन्होंने कहा कि राज्यसभा जैसे गरिमामयी और महत्वपूर्ण सदन के चुनाव में आपराधिक मामलों से संबंधित अनिवार्य जानकारियों को छिपाना एक अक्षम्य और गंभीर लापरवाही है। स्वयं कांग्रेस के विधिक प्रतिनिधियों ने निर्वाचन अधिकारी के सामने यह बात स्वीकार की है कि फॉर्म में आवश्यक विवरण दर्ज करने में चूक हुई थी।
भाजपा में साधारण कार्यकर्ताओं को अवसर, कांग्रेस को आत्ममंथन की जरूरत
भारतीय जनता पार्टी की आंतरिक कार्यप्रणाली और सांगठनिक ढांचे की विशेषता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा हमेशा जमीनी और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को शीर्ष पदों पर आगे बढ़ाने की गौरवशाली परंपरा का निर्वहन करती है। उन्होंने पार्टी के नवनिर्वाचित उम्मीदवार महेश केवट का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि एक साधारण से कार्यकर्ता को उच्च सदन का प्रत्याशी बनाकर भाजपा ने यह साबित कर दिया है कि वह वास्तव में संगठन और कार्यकर्ताओं के मूल्यांकन पर आधारित राजनीति करती है। डॉ. यादव ने अंत में कहा कि जहां एक ओर भाजपा का पूरा कुनबा पूरी एकजुटता और प्रामाणिकता के साथ जनसेवा में लीन है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस को अपनी इस सांगठनिक दुर्दशा और बार-बार होने वाली रणनीतिक गलतियों पर गहराई से आत्ममंथन करने की नितांत आवश्यकता है।









