उज्जैन। आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों और 7 सितंबर को निकलने वाली बाबा महाकाल की अंतिम शाही सवारी को देखते हुए नगर निगम ने कंठाल चौराहा से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण का काम तेज कर दिया है। शाही सवारी के पारंपरिक मार्ग में शामिल सती गेट क्षेत्र को भव्य और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने समय-सीमा तय कर युद्धस्तर पर काम शुरू किया है, ताकि सवारी निकलने से पहले यह पूरा मार्ग सुचारू हो सके।
सती गेट को मिलेगा प्राचीन और भव्य स्वरूप
उज्जैन की ऐतिहासिक विरासत का अभिन्न अंग माने जाने वाले सती गेट को चौड़ीकरण कार्य के दौरान उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाएगा। गेट की दीवारों की विशेष मरम्मत, धुलाई, केमिकल कोटिंग और पेंटिंग कर इसे आकर्षक रूप दिया जा रहा है। गेट के एक तरफ 8 फीट और दूसरी तरफ 15 फीट क्षेत्र में पेवर ब्लॉक बिछाए जाएंगे। अब तक अतिक्रमण के कारण केवल एक तरफ से आवाजाही हो पाती थी, लेकिन अब दोनों तरफ से रास्ते को पूरी तरह खोलकर सुगम बनाया जा रहा है।
कंठाल चौराहे का कायाकल्प और बुनियादी सुधार
कंठाल चौराहे को पेवर ब्लॉक लगाकर आधुनिक रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए चौराहे पर स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर को पूर्ण सम्मान के साथ स्थानांतरित किया गया है। इसके अतिरिक्त कंठाल से सती गेट तक भूमिगत नाली निर्माण, बिजली के पोल हटाने और पेयजल पाइपलाइन की शिफ्टिंग का काम तेजी से जारी है। चौड़ीकरण की जद में आने वाले अवैध निर्माणों और भवनों को हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
कलेक्टर और निगमायुक्त ने किया निरीक्षण
विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेने कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सती गेट सहित पूरे मार्ग का निरीक्षण कर चल रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य शाही सवारी से पहले और तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए।








