कैसे हुआ शीतला मंदिर हादसा? चेकपोस्ट से ट्रक गुजरने और चालक के फरार होने पर सवाल

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ग्वालियर| मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर के पास शनिवार और रविवार की दरमियानी देर रात एक अत्यंत दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा हो गया। धान के बोरों से भरा एक अनियंत्रित और बेकाबू ट्रक अचानक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ में जा घुसा। इस भयानक हादसे में ट्रक ने करीब 45 लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। मिली जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में अब तक 14 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल सहित शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। घटना के बाद से आरोपी चालक मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश की जा रही है।

प्रतिबंधित रास्ते पर था ट्रक, चेकपोस्ट और बैरिकेड्स तोड़कर मचाया तांडव

जिस मार्ग से यह बेकाबू ट्रक मौत बनकर गुजरा, उस रास्ते पर भारी वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ है। ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) धर्मवीर सिंह ने जानकारी दी कि घटना के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल शीतला माता मंदिर की ओर जा रहे थे। छिनोर की तरफ से आने वाली सड़क पर एक खड़ी ढलान है, जहाँ भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित है।

रात करीब 1:30 बजे धान के बोरों से ओवरलोड एक ट्रक वहाँ पहुँचा। वह पुलिस चेकपोस्ट और बैरिकेड्स को जबरन तोड़ते हुए पूरी तरह अनियंत्रित हो गया और तीव्र ढलान से नीचे उतरते हुए सीधे मंदिर की बाहरी दीवार व मुख्य गेट से जा टकराया। सड़क पर मौजूद तमाम श्रद्धालु इस अनियंत्रित वाहन की चपेट में आ गए। इस भीषण टक्कर में मौके पर सुरक्षा और व्यवस्था में तैनात दो पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

नवरात्रि के चलते थी भारी भीड़, पीड़ित परिवारों ने लगाए गंभीर आरोप

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बेकाबू ट्रक की जबरदस्त टक्कर से मंदिर की भारी-भरकम दीवार ढह गई, जिसकी चपेट में आने से कई लोग मलबे और वाहन के नीचे दब गए। इस हादसे ने इसलिए और भी विकराल रूप ले लिया क्योंकि नवरात्रि का पावन अवसर होने के कारण मंदिर परिसर और उसके आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई थी। अष्टमी और नवमी के विशेष पर्व के चलते रात के समय भी बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए उपस्थित थे।

इस बीच, पीड़ित परिवारों ने प्रशासन और व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि दुर्घटना रात करीब 2 बजे घटित हुई, लेकिन घायलों को समय पर मदद नहीं मिल पाई और उन्हें सुबह 4 बजे के आसपास अस्पताल पहुँचाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की गहनता से जाँच की जा रही है।