मध्य प्रदेश में निवेश की बंपर बारिश, 90 हजार करोड़ के प्रस्ताव से 1 लाख रोजगार की उम्मीद

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भोपाल। मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को एक नई रफ्तार और बड़ी मजबूती मिलने जा रही है, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों के चलते राज्य में भारी-भरकम निवेश आने का रास्ता साफ हो गया है। मुंबई में आयोजित रोड शो के दौरान देश-दुनिया के बड़े उद्योग समूहों और निवेशकों ने मुख्यमंत्री के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश को कुल 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

फार्मा और टेक्सटाइल सेक्टर में बंपर निवेश के प्रस्ताव

मुंबई रोड शो के दौरान विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में निवेश को लेकर निवेशकों ने गहरी रुचि दिखाई है। अकेले फार्मा सेक्टर की बात करें तो प्रदेश को 1,200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे इंदौर और धार के फार्मा क्लस्टर में नई यूनिट्स लगेंगी और करीब 800 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही, प्रचुर मात्रा में कपास उत्पादन होने के कारण टेक्सटाइल सेक्टर और एग्री-बेस्ड इंडस्ट्रीज में भी निवेशकों ने बड़ी यूनिट्स स्थापित करने की इच्छा जताई है।

छिंदवाड़ा में एचयूएल का विस्तार और डिफेंस सेक्टर में बड़ा दांव

स्थानीय स्तर पर औद्योगिक विकास को बढ़ावा देते हुए छिंदवाड़ा में हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) अपने प्लांट के विस्तार के लिए 800 से 1,000 करोड़ रुपये का भारी निवेश करेगी। वहीं, इस पूरे निवेश अभियान का सबसे बड़ा आकर्षण एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर रहा, जिसके तहत करीब 22,156 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई है। राज्य सरकार ग्वालियर और भोपाल के आसपास विशेष डिफेंस कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

ग्वालियर में खुलेगी प्रदेश की पहली एआई टेलीकॉम यूनिट

तकनीकी क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए ग्वालियर में 200 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक एआई टेलीकॉम इकाई स्थापित की जाएगी। यह पूरे प्रदेश की पहली एआई-बेस्ड टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग यूनिट होगी, जो डिजिटल और तकनीकी विकास को नए पंख देगी।

सरकार दे रही है निवेशकों को तमाम सुविधाएं, मिलेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार निवेशकों को सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम, किफायती दरों पर भूमि और बेहतर कानून-व्यवस्था जैसी तमाम सुविधाएं मुहैया करा रही है। सरकार का यह अनुमान है कि इन सभी निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से मध्यप्रदेश में एक लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।