जबलपुर | जिले में रेत माफिया के हौसले बुलंद हैं, जिनकी नजरें अब नर्मदा के साथ-साथ उसकी सहायक नदियों पर भी टिक गई हैं। सहायक नदियों में धड़ल्ले से जारी अवैध बालू खनन की पुख्ता सूचना मिलने पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इसी कड़ी में प्रशासनिक अमले ने हिरन नदी पर चल रहे अवैध खनन के ठिकाने पर अचानक छापा मारा। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान नदी से रेत निकाल रही भारी मशीनों, परिवहन में लगे वाहनों और अवैध रूप से स्टोर की गई रेत को बड़े पैमाने पर जब्त किया गया है, जिससे खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
संयुक्त टीम की औचक छापेमारी, भारी मशीनें और वाहन जब्त
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह द्वारा खनिज के अवैध दोहन, परिवहन और भंडारण पर पूरी तरह रोक लगाने के कड़े निर्देशों के बाद सिहोरा अनुभाग की पोंडा तहसील के ग्राम खिन्नी में यह कार्रवाई की गई। हिरन नदी पर अवैध उत्खनन की खबर मिलते ही राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने मौके पर घेराबंदी की। टीम ने नदी के भीतर से अवैध रूप से रेत निकाल रही दो जेसीबी मशीनें, बालू से आधा लदा एक दस चक्का हाइवा और रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रंगे हाथों पकड़कर जब्त कर लिया। कार्रवाई के बाद इन सभी वाहनों को गोसलपुर थाना परिसर में खड़ा करवा दिया गया है।
पकड़े गए ऑपरेटरों से पूछताछ में खुले माफियाओं के नाम
सिहोरा की अनुविभागीय राजस्व अधिकारी (SDM) ज्योति परस्ते, तहसीलदार ललित ग्वालवंशी और खनिज निरीक्षक शिवपाल चौधरी की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई के दौरान मौके से दो जेसीबी ऑपरेटरों को भी गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए ऑपरेटरों की पहचान मोहम्मद रहमान उर्फ मोहम्मद रियाज मंसूरी और मोहित बर्मन के रूप में हुई है, जिनसे गोसलपुर थाने में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। शुरुआती पूछताछ में ऑपरेटर रियाज मंसूरी ने कबूला कि खिन्नी गांव के पास हिरन नदी में अवैध खनन का यह पूरा खेल चन्नोटा के रहने वाले बलराम उर्फ गोलू सिंह द्वारा संचालित कराया जा रहा था।
वाहन मालिकों की पहचान उजागर, कलेक्टर न्यायालय भेजा जाएगा मामला
पूछताछ के दौरान पकड़े गए ऑपरेटरों ने मशीनों के मालिकों के नामों का भी खुलासा किया है। उनके मुताबिक, एक जेसीबी मशीन चन्नोटा निवासी अरुण प्रताप भदौरिया उर्फ सोनू भदौरिया की है, जबकि दूसरी मशीन पनागर के शुभम पटेल की बताई जा रही है। पुलिस और खनिज विभाग की टीम अब जब्त किए गए दस चक्का हाइवा के वास्तविक मालिक का पता लगाने में जुटी है। राजस्व अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध रेत खनन मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ खनिज अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की दंडात्मक कार्रवाई के लिए इस पूरे मामले को खनिज विभाग के जरिए कलेक्टर न्यायालय में पेश किया जाएगा।









