शिवपुरी। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया रविवार, 5 जुलाई को दोपहर 1:00 बजे शिवपुरी शहर में अडानी समूह द्वारा लगाए जा रहे अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का भूमिपूजन करेंगे। लगभग ₹2,500 करोड़ की भारी-भरकम लागत से बनने वाला यह प्लांट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ सपने को सच करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। साथ ही, यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के औद्योगिक विकास के संकल्प को भी नई उड़ान देगा। केंद्रीय मंत्री सिंधिया की लगातार कोशिशों की वजह से ही ग्वालियर-चंबल अंचल अब देश के नक्शे पर एक बड़े रक्षा निर्माण केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है।
ग्वालियर-चंबल बनेगा देश का नया डिफेंस हब
शिवपुरी में बनने वाला यह हाईटेक प्लांट पूरे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की तस्वीर बदल देगा। ग्वालियर में पहले से ही एक स्मॉल आर्म्स मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स चल रहा है, और अब शिवपुरी के इस नए एडवांस्ड डिफेंस प्लांट के शुरू होने से इस पूरे अंचल में रक्षा उत्पादन का एक मजबूत तंत्र (इकोसिस्टम) तैयार हो जाएगा। यह प्लांट न सिर्फ क्षेत्र का विकास करेगा, बल्कि भारत की सैन्य और रक्षा उत्पादन क्षमता को भी काफी मजबूत बनाएगा।
5,000 युवाओं को रोजगार और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा
इस बड़े प्रोजेक्ट के जरिए क्षेत्र के लगभग 5,000 युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, शिवपुरी और आसपास के छोटे एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) को भी रक्षा उत्पादन की सप्लाई चेन से जुड़ने का बड़ा मौका मिलेगा। आपको बता दें कि ग्वालियर में चल रहे अडानी के हथियार प्लांट से पहले ही 25 से ज्यादा स्थानीय छोटे उद्योग जुड़े हुए हैं, और शिवपुरी में नया प्लांट आने से इस दायरे का और अधिक विस्तार होगा।
तीन साल में पूरा होगा काम, तय समय में शुरू होगा उत्पादन
यह परियोजना सिर्फ कागजों या घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके काम पूरा होने की एक तय समय-सीमा तय की गई है। लक्ष्य रखा गया है कि अगले तीन वर्षों के भीतर इस प्लांट का निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न कर लिया जाए और यहाँ हथियारों व रक्षा उपकरणों का उत्पादन भी शुरू कर दिया जाए।
ग्वालियर प्लांट की सफलता के बाद मिली यह नई उपलब्धि
ग्वालियर में स्थित अडानी स्मॉल आर्म्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट आज देश के सबसे बड़े प्राइवेट डिफेंस प्लांटों में से एक है। इस प्लांट की सबसे बड़ी कामयाबी यह रही कि यहाँ बनी ‘प्रहार’ लाइट मशीन गन (LMG) की पहली खेप भारतीय सेना को तय समय से 11 महीने पहले ही सौंप दी गई थी। इस प्लांट के जरिए पहले ही क्षेत्र में करीब 3,000 लोगों को रोजगार मिल चुका है, और अब शिवपुरी का नया प्लांट इस कामयाबी को और आगे बढ़ाएगा।
औद्योगिक विकास की नई पहचान बन रहा है पूरा अंचल
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आ रहा है। बदरवास में जैकेट बनाने की फैक्ट्री, गुना में करीब ₹1,059 करोड़ की सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट और अब शिवपुरी में ₹2,500 करोड़ का यह डिफेंस प्लांट इस बात का जीता-जागता सबूत हैं कि यह पूरा इलाका अब तेजी से मध्य भारत का एक मुख्य इंडस्ट्रियल और इन्वेस्टमेंट हब बनता जा रहा है।









