भोपाल : केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पशुधन (लाईव स्टॉक) और दुग्ध उत्पादन देश के किसानों और गौवंश पालकों की समृद्धि का प्रमुख आधार है। पशुधन जितना होगा, उतनी ही होगी समृद्धि। देश के किसानों और पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि ही हमारा लक्ष्य है। पशुधन से दुग्ध उत्पादन और दुग्ध उत्पादन से ही गौपालकों के घर समृद्धि आती है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन किसानों और पशुपालकों की आय का बड़ा जरिया है। केंद्र सरकार देश में दुग्ध उत्पादन तेजी से बढ़ाने के लिए पशुपालकों को कई प्रकार की सहायता भी उपलब्ध करा रही है। सहकारिता मंत्री शाह ने कहा कि भोपाल में हुआ यह विशाल गौपालक सम्मेलन मध्यप्रदेश में हो रही श्वेत क्रांति का एक शुभ संकेत है। सहकारिता मंत्री शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं एक गौपालक हैं, उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश पूरे देश में दुग्धोत्पादन क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केन्द्रीय मंत्री शाह ने प्रदेश के सभी गौपालकों से मप्र में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का बड़ा लक्ष्य लेकर चलने की अपील करते हुए कहा कि सब मिल-जुलकर एक साथ आगे बढ़ेंगे, तभी यह लक्ष्य हासिल होगा। मंत्री शाह शनिवार को भेल दशहरा मैदान में आयोजित विशाल राज्य स्तरीय गौ-पालक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
प्रदेश को दीं कई सौगातें
'सहकार से समृद्धि' की थीम पर केंद्रित राज्य स्तरीय सम्मेलन में केन्द्रीय सहकारिता मंत्री शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन किया। उन्होंने भोपाल में 16.50 करोड़ रुपये की लागत से नव निर्मित 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के फर्मेटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट, भोपाल में ही 12.42 करोड़ रुपये से नव निर्मित राज्य स्तरीय केंद्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला तथा शिवपुरी जिले में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया। केंद्रीय मंत्री ने सम्मेलन में भोपाल एवं इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालक सदस्यों को 15.10 करोड़ रुपये की लाभांश (बोनस) राशि तथा प्रदेश की गौशालाओं को गौवंश के संरक्षण एवं आहार आदि के लिए 88 करोड़ रुपये की सहायता राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने मंच से 5 गौपालक दीदियों और सर्वश्रेष्ठ दुग्ध उत्पादन करने वाली समिति के सदस्यों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही 2 पशुपालकों को राज्य सरकार की डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति आशय-पत्र भी प्रदान किए।
एमओयू भी हुआ
भोपाल में मोरवन प्रोजेक्ट के तहत नगर वन विकसित करने कृभको एवं म.प्र. बॉयोडायवर्सिटी बोर्ड के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर परस्पर आदान-प्रदान किया गया। इसका उद्देश्य भोपाल में हरित क्षेत्र का विस्तार करने के साथ जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और नागरिकों के लिए बेहतर प्राकृतिक वातावरण विकसित करना है। नगर वन के विकास से स्थानीय जैव विविधता को संरक्षण मिलेगा तथा शहर में हरित आवरण को बढ़ावा मिलेगा। सम्मेलन में मप्र में वर्तमान में मनाये जा रहे कृषक कल्याण वर्ष 2026 (बलराम कृषि महोत्सव) पर केंद्रित लघु फिल्म तथा 'मप्र में दुग्ध क्रांति का सूत्रपात' विषयक एक आकर्षक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
देश को नक्शलवाद से मिली निजात
केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि देश को नक्सलवाद की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल गई है। अब बारी पूरे देश को नशामुक्त बनाने की है। भारत को वर्ष 2029 के अंत तक नशामुक्त बनाना हमारा लक्ष्य है। मंत्री शाह ने नागरिकों से मध्यप्रदेश को 31 दिसम्बर 2029 तक पूर्णतः नशामुक्त प्रदेश बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ने और इस दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों में सहयोग करने की अपील की। केन्द्रीय मंत्री शाह ने कहा कि नशामुक्ति के लिए सभी संभव योजनाएं तैयार की जाएंगी। इससे देश-प्रदेश के युवाओं को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने मध्यप्रदेश में करीब 50 एकड़ भूमि में गौवंश एवं भैंसों की नस्ल सुधार का काम प्रारंभ करने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कारगर उपायों से ही मप्र अगले तीन साल में 50 लाख लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन का लक्ष्य हासिल करेगा।
न्याय संहिता प्रदर्शनी का किया शुभारंभ
केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा है कि आज यहां न्याय संहिता प्रदर्शनी का भी शुभारंभ हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने अंग्रेजी दौर के कई कानूनों को समाप्त कर अपनी न्याय संहिता लागू की है। हमारी न्याय व्यवस्था की पहचान कभी तारीख-पे-तारीख से होती थी, लेकिन अब भारतीय न्याय संहिता में एफआईआर के बाद 3 वर्ष में दोषी को सजा दिलाने का प्रावधान किया गया है। अंग्रेजों ने अपनी सरकार को बचाने के लिए कानून बनाए थे। उन्होंने कहा कि नई न्याय संहिता के मूल में न्याय दिलाना है, दंड नहीं। दंड सिर्फ अपराध रोकने के लिए ही है। इससे हर भारतीय के सम्मान की रक्षा होगी। इस नवीन न्याय संहिता से भारतीय न्यायपालिका शीघ्र ही दुनिया का सबसे आधुनिक न्याय तंत्र बन जाएगी। इसमें ऑनलाइन एफआईआर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, एफएसएल के प्रावधान और कई आधुनिक वैज्ञानिक प्रावधान इसमें जोड़े गए हैं। महिला सुरक्षा, आतंकवाद, लिंचिंग तक से प्रोटेक्शन की व्यवस्था की गई है।
केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि देश में सहकारिता से जुड़े लोग 75 साल से सहकारिता मंत्रालय बनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन विपक्षी दल की सरकारों ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार देश में प्रथक से सहकारिता मंत्रालय की शुरुआत की। इसका सबसे अधिक लाभ देश के गौपालकों भाई-बहनों को हुआ है। उन्होंने बताया कि बिचौलियों को दूध बेचने से दुग्ध उत्पादकों को केवल 35 रुपए लीटर दाम मिलता है, लेकिन सहकारी समितियों को दूध बेचने पर पहले दिन से 55 रुपए लीटर दाम मिलेगा। हमारी सरकार मिल्क प्रोसेसिंग कर दही, मक्खन, पनीर जैसे उत्पाद करने के लिए इको सिस्टम तैयार कर रही है। आज उज्जैन में 255 करोड़ लागत के दूध प्रसंस्करण संयंत्र का भूमि-पूजन हुआ है। भोपाल में 17 करोड़ की लागत से सांची दुग्ध संघ का संयंत्र बनकर तैयार हो गया है। भोपाल में 12 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक राज्य स्तरीय प्रयोगशाला बनाई गई है। शिवपुरी में साढ़े 6 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी यूनिट को भी बनाया जाएगा। भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े पशुपालकों को 12 करोड़ रुपए बोनस की सौगात दी गई है। गौपालक दीदियों का सम्मान भी हुआ है। प्रदेश में 50 एकड़ भूमि पर गाय और भैंस की नस्ल सुधार का कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है इससे गौमाता बीमार नहीं होगी। दूध उत्पादन बढ़ेगा। नई प्रजनन तकनीक से गाय केवल बछिया ही जनेगी। अगले तीन साल में मध्यप्रदेश सरकार दूध उत्पादन क्षमता को 10 लाख लीटर से बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाने के लिए काम कर रही है। यह एक बड़ा लक्ष्य है। गुजरात ने इसे कर दिखाया है।
भारत कर रहा है दुनिया में सर्वाधिक दूग्ध उत्पादन
केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि देश की आजादी के बाद वर्ष 2013-14 तक देश में कुल दूध उत्पादन 14 करोड़ 7 लाख टन था। प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता संभालने के बाद 10 साल में ही यह 25 करोड़ टन से अधिक हो गया है। केंद्र और हमारी राज्य सरकारों की गौपालकों के लिए प्रतिबद्धता से यह लक्ष्य हासिल होता है। प्रति व्यक्ति दूध उत्पादन में 58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अब 485 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रति दिन हो गया है। भारत अब दुनिया में सबसे अधिक दुग्ध उत्पादन कर रहा है। देश के दूग्ध उत्पादक अग्रणी 5 राज्यों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं।
नई डेयरी समितियों के लक्ष्य प्राप्ति में सबसे बड़ा योगदान होगा म.प्र. का
केन्द्रीय मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में नंबर 1 बनाने का संकल्प लिया है। हमारा निर्यात आज बढ़कर 5000 करोड़ तक पहुंच गया है। यूएई, अमेरिका, बांग्लादेश, सऊदी अरब और भूटान सहित कई देशों में भारत निर्यात करता है। उन्होंने कहा कि हमने अब श्वेत क्रांति 2.0 का शुभारंभ किया है। केंद्र सरकार ने गांवों में 75 हजार डेयरी सहकारी समितियां बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही 46 हजार डेयरियों को और भी मजबूत किया जाएगा। नई डेयरी समितियों के लक्ष्य प्राप्ति में सबसे बड़ा योगदान मध्यप्रदेश का होगा। केंद्र सरकार ने नेट जीरो और चक्रीय अर्थव्यवस्था तैयार करने को गति दी है। पशुओं की नस्ल सुधार, पशु आहार तैयार करने, गोबर से बायोगैस, गोबर से उत्पाद तैयार करने, चारा प्रबंधन, कृत्रिम गर्भधान के लिए सरदार पटेल को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की स्थापना की है। गोबर का वैज्ञानिक संग्रह, स्वच्छ ऊर्जा निर्माण और ग्रामीण रोजगारी के लिए 5 मॉडल बनाए गए हैं। मध्यप्रदेश के प्रत्येक गांव तक गोबर के उत्पाद तैयार करने का मॉडल भी तैयार किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री शाह ने कहा कि डेयरी आधारित अर्थव्यवस्था से देश की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। इससे ग्रामीण और आर्थिक विकास का मॉडल भी जुड़ता है। देश में कुपोषण से लड़ाई में भी डेयरी अहम भूमिका निभा रही है। केन्द्रीय मंत्री शाह ने सम्मेलन में आए सभी गौपालकों को देश में नई श्वेत क्रांति 2.0 से जुड़ने की बधाई देने के साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को आश्वस्त किया कि दूध उत्पादन के लिए 50 लाख लीटर प्रतिदिन का लक्ष्य कठिन जरूर है, लेकिन केंद्र सरकार हर कदम पर प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है।
दूध उत्पादन में अब देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नई दुग्ध क्रांति की ओर बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है कि देश का अधिकतम दुग्ध उत्पादन म.प्र. की धरती पर हो। उन्होंने कहा कि आज स्वयं केंद्रीय सहकारिता मंत्री की उपस्थिति में यहां अद्भुत राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन आयोजित किया गया है। प्रदेश में 80 लाख से अधिक गौपालकों का विशाल समृद्ध परिवार है। राज्य सरकार ने गरीब युवा महिला और नारी शक्ति के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। किसान कल्याण वर्ष में हमने 17 विभागों को एक साथ जोड़ा है। किसानों की समृद्धि और उनकी आय बढ़ाने के लिए हमारी सरकार ने सभी तरह के प्रयास शुरू किए हैं। प्रदेश के प्रत्येक जिले में कृषि मेले, कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी, उन्नत कृषि के उपाय किसान भाइयों को बताए जा रहे हैं। किसान भाइयों की आय गौपालन, दूध उत्पादन, पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और मत्स्य पालन से बढ़ाने के प्रयास किया जा रहे हैं। किसानों की सबसे अधिक आय दूध उत्पादन से होती है। मध्यप्रदेश दूध उत्पादन में अब देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश के हर गांव-कस्बे की सभी दुग्ध सहकारी समितियों को और भी सशक्त करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। इस दिशा में प्रदेश में कई नवाचारी कदम उठाये जा रहे हैं।
गोवर्धन पूजा से पहले सरकार के तीन नए संकल्प, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की तीन घोषणायें
सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौपालकों और दुग्ध उत्पादकों के हित में चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए अगले माह गोवर्धन पूजा से पहले सरकार के तीन नए संकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने इस संकल्पों की पूर्णता के लिए घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी 313 ब्लॉक्स में स्थित वृंदावन ग्रामों में उत्कृष्ट गौपालकों की प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें विजेताओं को नगद पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम विजेता को एक लाख रुपए, द्वितीय को 50 हजार रुपए एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी प्रदेश में 406 गौ-एम्बुलेन्स चल रही हैं। इसमें वृद्धि करते हुए अब प्रदेश में 168 नई गौ-एम्बुलेन्स चलाईं जायेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्नत दुधारू नस्ल के पशु अधिक दूध उत्पादन करते हैं, इसीलिए उन्नत नस्ल पशुपालन के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश में जगह-जगह पशुपालकों के वृहद् मेले लगाये जायेंगे।
म.प्र. देश में सबसे पहले हुआ नक्सल मुक्त
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री शाह के अटल इरादों से ही देश नक्सलवाद की समस्या से हमेशा के लिए मुक्त हो गया है। मप्र देश में सबसे पहले दशकों पुरानी इस समस्या से मुक्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की प्रत्येक केन्द्रीय योजना में शत्-प्रतिशत परिणाम देने के लिए केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। पहले दुग्ध उत्पादकों से बिचौलिए लाभ कमाते थे। लेकिन केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह के प्रयासों से अब नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एमओयू हो गया है। केंद्रीय मंत्री शाह के करकमलों से आज मध्यप्रदेश को दूध उत्पादन और डेयरी क्षेत्र में कई बड़ी सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 330 ग्राम दूध का प्रोडक्शन होता है। यह आंकड़ा भारत में 485 ग्राम है और मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय औसत से अधिक 750 ग्राम है। आज प्रदेश में श्वेत क्रांति 2.0 की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने दुग्ध समितियां की संख्या बढ़कर दूध कलेक्शन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा है। जिन गांवों में समितियाँ नहीं बनी है, वहाँ भी समितियाँ गठित की जाएगी। मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित कुल 6 दुग्ध सहकारी संघ संचालित हैं। इनके श्रेष्ठ प्रदर्शन, पारदर्शी नीतियों और डेयरी वैल्यू चेन को बढ़ाते हुए कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक पशुधन हैं। राज्य में गिर, साहीवाल जैसी गायों और दूध देने वाले पशुओं की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। प्रदेश की गौशालाओं में उन्नत नस्ल की गायों से दूध उत्पादन बढ़ेगा। हमारे किसान भाइयों ने सहकारिता और पशुपालन के माध्यम से अपनी जिंदगी बदली है। प्रदेश में 3500 गौशाला है, इनमें 5 लाख से अधिक गौवंश का संरक्षण हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में वृंदावन ग्राम विकसित किए जा रहे हैं। वृंदावन ग्रामों में उन्नत नस्ल के पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
गौपालकों को बनायेंगे समृद्ध
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम गौपालकों को समृद्ध और गौपालन को प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति प्रेम का अनुपम उदाहरण बनाएंगे। दूध उत्पादन को व्यक्तिगत स्तर और गौशालाओं के जरिए भी बढ़ाया जा रहा है। नगर निगम क्षेत्र में स्थित गौशालाओं को भी अनुदान 20 रू. प्रति गाय से बढ़ाकर 40 रू. प्रति गाय कर दिया गया है। राज्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत 40 लाख रुपए ऋण लेकर 25 गाय पालने पर सरकार 10 लाख रुपए की सब्सिडी दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशवासियों को 21 साल बाद मप्र सुगम परिवहन बस सेवा की सौगात मिली है। मध्यप्रदेश में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना के अंतर्गत 50 लाख से अधिक पट्टेधारियों की पक्की रजिस्ट्रियां कराकर उन्हें नि:शुल्क रजिस्ट्रियाँ प्रदान की जा रही हैं।
वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष हेमन्त खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री शाह ने देश में सहकारिता को एक नई दिशा दे दी है। मध्यप्रदेश में नई दुग्ध क्रांति की शुरुआत की गई है। अब तक 1700 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं। सांची और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के बीच हुए एमओयू के बाद प्रदेश में दूध का कलेक्शन 12 लाख लीटर प्रतिदिन पर पहुंच गया है। प्रदेश के गौपालकों को अब दूध का 8.50 रूपए प्रति लीटर अधिक दाम मिल रहा है। दूध उत्पादन से पशुपालकों की आय बढ़ी है। गोबर से बायोगैस एवं खाद और सहकार से समृद्धि आए, केन्द्रीय मंत्री शाह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार इसी उद्देश्य से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर मध्यप्रदेश में भी दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था बनाएंगे। इससे युवाओं को बड़ी मात्रा में रोजगार भी मिलेगा।
खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारिता हमारा धर्म है और हमारी सरकार इसी धर्म के पालन में केन्द्र सरकार के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है।
सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, कृषि कल्याण किसान एवं विकास मंत्री एदल सिंह कंषना, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायकगण रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, विष्णु खत्री, महापौर श्रीमती मालती राय, एमडी कृभको एसएस यादव, अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा भोपाल सहित निकटवर्ती रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम एवं हरदा जिले की सभी दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े हजारों गौपालक सदस्य उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री शाह ने किसान कल्याण वर्ष पर केन्द्रित प्रदर्शनी का किया अवलोकन
केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में सहभागिता करने से पहले मौके पर ही राज्य सरकार द्वारा मनाए जा रहे किसान कल्याण वर्ष 2026 पर केन्द्रित विकास प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय सहकारिता मंत्री को वर्तमान में मनाए जा रहे कृषक कल्याण वर्ष और बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से प्रदेश के किसानों की बेहतरी के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।









