महेश केवट ने दाखिल किया नामांकन, CM बोले- समाज का प्रतिनिधित्व था अनिवार्य

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भोपाल: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। इस सीट के लिए चल रही भारी खींचतान के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी महेश केवट ने विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत पार्टी के कई दिग्गज नेता और विधायक मौजूद रहे। पर्चा भरने के बाद महेश केवट ने कहा कि संगठन ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ शत-प्रतिशत निभाएंगे। उनके मैदान में उतरने से अब इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।

वंचित समाज को प्रतिनिधित्व देना हमारा लक्ष्य: मुख्यमंत्री

नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से बात करते हुए पार्टी के इस फैसले की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के पार्लियामेंट्री बोर्ड के निर्देश पर हमारी गौरवशाली परंपरा के अनुसार ही यह तीसरा नामांकन दाखिल किया गया है। उन्होंने कहा कि महेश केवट छात्र राजनीति (एबीवीपी), युवा मोर्चा और संघ परिवार में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि हमारी पार्टी 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के मंत्र पर चलती है और जो कहती है, वह करके दिखाती है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में मांझी, मल्लाह और केवट जैसे समाज के प्रतिनिधित्व की कमी महसूस हो रही थी, जिसे भाजपा ने इस बार पूरा कर दिया है।

अतिरिक्त वोटों के दम पर जीतेंगे तीसरी सीट: विजयवर्गीय

भाजपा की ओर से तीसरा प्रत्याशी उतारे जाने के बाद वोटिंग के समीकरणों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। इस बारे में जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से पूछा गया कि क्या भाजपा के पास जीत के लिए पर्याप्त संख्या बल है, तो उन्होंने पूरी प्रतिबद्धता के साथ कहा कि हमारे पास जरूरी आंकड़ों से ज्यादा अतिरिक्त वोट मौजूद हैं। इसी रणनीतिक बढ़त के चलते पार्टी ने तीसरी सीट पर अपना उम्मीदवार खड़ा किया है और उन्हें पूरा भरोसा है कि 18 जून को होने वाले मतदान में भाजपा का यह तीसरा प्रत्याशी भी जीत दर्ज करने में सफल रहेगा।

कांग्रेस ने लगाया खरीद-फरोख्त का गंभीर आरोप

दूसरी तरफ, कांग्रेस ने इस सीट के लिए अपनी वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा है। भाजपा द्वारा आखिरी समय में महेश केवट का नामांकन दाखिल कराने पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जीत के लिए जरूरी विधायकों की संख्या में भाजपा के पास 10 विधायक कम हैं, इसके बावजूद उम्मीदवार उतारना उनकी कथनी और करनी के फर्क को उजागर करता है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) जीतू पटवारी ने भाजपा की इस रणनीति पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास बहुमत नहीं है और वह केवल विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) करके इस तीसरी सीट को गलत तरीके से जीतना चाहती है, लेकिन कांग्रेस के सभी विधायक पूरी तरह एकजुट हैं।