भोपाल| भोपाल स्थित मध्य प्रदेश के मुख्य प्रशासनिक भवनों में कार्यरत सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली तथा समयबद्धता में सुधार लाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब दफ्तर देरी से पहुँचने वाले कर्मचारियों की लेटलतीफी पर पूरी तरह रोक लगने जा रही है। इसी माह से बायोमेट्रिक की जगह आधुनिक 'फेस रिकग्निशन आधारित अटेंडेंस सिस्टम' (FRAS) लागू किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को दफ्तर में प्रवेश करते ही कैमरे के सामने चेहरा दिखाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इससे न केवल कर्मचारियों के आने-जाने के समय में पारदर्शिता आएगी, बल्कि सरकारी कामकाज की रफ्तार में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
डिजिटल कार्यप्रणाली और ई-ऑफिस को बढ़ावा
भोपाल के सबसे प्रमुख प्रशासनिक केंद्रों—वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन और विंध्याचल भवन में यह आधुनिक प्रणाली स्थापित की जा रही है। वर्तमान में मंत्रालय का अधिकांश कामकाज 'ई-ऑफिस' प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन निष्पादित किया जा रहा है। ऐसे में कर्मचारियों का समय पर उपस्थित होना अत्यंत आवश्यक है। सभी कर्मचारियों को परिसर के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए विशेष कैमरों के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव सहित राज्य के शीर्ष अधिकारी इन्हीं भवनों से शासन का संचालन करते हैं, इसलिए कर्मचारियों की अनुशासनहीनता रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
30 अक्टूबर तक अनिवार्य रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
प्रणाली को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्राथमिक डेटाबेस और चेहरा रजिस्टर किया जा रहा है। राज्य शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार वल्लभ भवन (क्रमांक-1, 2 और 3), विंध्याचल भवन, सतपुड़ा भवन तथा मंत्रालय अभिलेखागार में कार्यरत पूरे स्टाफ के लिए 15 अक्टूबर से 30 अक्टूबर के बीच ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया रखी गई है।
सुविधा और तकनीकी सहायता के लिए विशेष इंतज़ाम
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सहज बनाने के लिए भोपाल के इन तीनों मुख्य भवनों में मंजिलवार और ब्लॉकवार अलग-अलग केंद्र बनाए गए हैं:
वल्लभ भवन: तीनों भवनों की विभिन्न मंजिलों और कक्षों में रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है।
विंध्याचल भवन: सी-विंग के तीसरे तल पर स्थित यूएनडीपी (UNDP) मीटिंग हॉल में पंजीयन किया जा रहा है।
सतपुड़ा भवन: ए-विंग के प्रथम तल पर स्थित पेंशन विभाग में पंजीयन केंद्र बनाया गया है।
कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या न आए, इसके लिए हर भवन में विशेष तकनीकी टीमों की तैनाती की गई है जो ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया में मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं।









