इंदौर| मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मनचलों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब महिला पुलिसकर्मी भी उनके निशाने पर हैं। शहर के विजय नगर इलाके में रविवार देर रात एक स्टिंग ऑपरेशन के दौरान एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने पैदल जा रही लेडी कॉन्स्टेबल को रोककर अभद्र टिप्पणी कर दी। आरोपी ने महिला पुलिसकर्मी के पास एक्टिवा रोककर पूछा— "अकेली हो क्या, साथ चलोगी?" जिसके तुरंत बाद घेराबंदी कर खड़ी पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।
विजय नगर में पुलिस का 'ऑपरेशन मनचला'
दरअसल, शहर में बढ़ते महिला अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस विशेष अभियान चला रही है। इसी कड़ी में मेघदूत गार्डन के पास रात 12 से 1 बजे के बीच दो महिला पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में तैनात किया गया था। एसीपी पराग सैनी के मुताबिक, पूरी कार्रवाई कैमरों की निगरानी में हो रही थी और बैकअप टीम पास में ही छिपी थी। जैसे ही आरोपी ने छेड़छाड़ की, पुलिस ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पकड़े जाने के बाद आरोपी गिड़गिड़ाने लगा और माफी मांगने लगा।
आईटी इंजीनियर निकला आरोपी
छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार युवक की पहचान 27 वर्षीय सर्वेश साहू के रूप में हुई है। मूल रूप से सागर का रहने वाला सर्वेश इंदौर की एक नामी आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। जांच में पता चला है कि वह अक्सर रात के समय अकेली महिलाओं को देखकर उन्हें परेशान करता था।
NCRB रिपोर्ट: मध्य प्रदेश में महिला अपराधों की खौफनाक तस्वीर
हाल ही में 6 मई 2026 को जारी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की "क्राइम इन इंडिया 2024" रिपोर्ट ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
अपराध में पांचवां स्थान: महिला अपराधों के मामले में मध्य प्रदेश देश में लगातार चौथे साल पांचवें पायदान पर बना हुआ है। साल 2024 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में हर दिन औसतन 90 से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं।
रेप और अपहरण की भयावहता: रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में हर तीन घंटे में एक दुष्कर्म का मामला सामने आ रहा है, जबकि रोजाना औसतन 32 अपहरण की घटनाएं दर्ज की जा रही हैं।
दहेज हत्या: इस मामले में मध्य प्रदेश पूरे देश में तीसरे स्थान पर है। साल 2024 में दहेज हत्या के 450 मामले दर्ज किए गए।
रिपोर्ट में देरी: डेटा मिलान और सत्यापन के कारण सितंबर 2025 में आने वाली यह रिपोर्ट मई 2026 में सार्वजनिक की गई है।
जहाँ एक ओर पुलिस स्टिंग ऑपरेशन के जरिए अपराधियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर NCRB के ये आंकड़े बताते हैं कि जमीनी स्तर पर महिलाओं के लिए असुरक्षा का माहौल अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।









