जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर स्थित प्रतिष्ठित केंद्रीय रेल चिकित्सालय में रेलवे विभाग से सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) अधिकारियों तथा उनके परिवार के सम्मानित सदस्यों के स्वास्थ्य लाभ के लिए एक दिवसीय विशाल 'मेगा हेल्थ चेकअप कैंप' (वृहत स्वास्थ्य परीक्षण शिविर) का गरिमामय आयोजन हाल ही में संपन्न हुआ. इस पूरे जनहितैषी आयोजन को अमलीजामा पहनाने और इसे पूरी तरह व्यवस्थित करने में चिकित्सालय के मेडिकल डायरेक्टर (मुख्य चिकित्सा निदेशक) ने अत्यंत सराहनीय एवं मार्गदर्शक भूमिका निभाई.
आधुनिक पैथोलॉजी जांच के साथ ही अस्पताल प्रबंधन द्वारा की गई उत्तम स्वल्पाहार की व्यवस्था
आयोजित शिविर में आए सभी बुजुर्ग अधिकारियों और उनके परिजनों के स्वास्थ्य की गहन पड़ताल के लिए आधुनिक चिकित्सकीय प्रबंध किए गए थे. जांच प्रक्रिया के अंतर्गत सबसे पहले विस्तृत रक्त परीक्षण (ब्लड टेस्ट) के लिए विशेषज्ञों द्वारा रक्त के नमूने एकत्रित किए गए. इसके साथ ही, शिविर में आने वाले प्रत्येक हितग्राही के लिए आंखों की जांच, लीवर (यकृत) की कार्यप्रणाली की जांच, ईसीजी (हृदय की जांच) तथा बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) जैसी महत्वपूर्ण और आवश्यक नैदानिक जांचों की निःशुल्क एवं त्वरित व्यवस्था अस्पताल परिसर में ही की गई थी. सभी निर्धारित स्वास्थ्य परीक्षणों के सफलतापूर्वक पूरा होने के उपरांत, रेल अस्पताल प्रबंधन की ओर से वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चाय एवं उत्तम स्वल्पाहार (नाश्ते) का भी विशेष प्रबंध किया गया था.
वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञों की रही गरिमामयी उपस्थिति, गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए दी गई विशेष सलाह
इस वृहत स्वास्थ्य शिविर में रेल चिकित्सालय के शीर्ष और अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने अपनी सेवाएं दीं. परीक्षण के दौरान मुख्य रूप से मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अशोक कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. एन. मिश्रा, प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र दीक्षित, प्रख्यात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजेश चौधरी, डॉ. लक्ष्मी पी. रेड्डी, मेडिसिन विभाग की विशेषज्ञ डॉ. मधु तथा पैथोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे और मरीजों को उचित परामर्श दिया.
तमाम जांचों और प्राथमिक उपचार की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद, मेडिसिन विभाग की डॉ. मधु एवं मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अशोक कुमार द्वारा उपस्थित जनसमूह के समक्ष स्वास्थ्य प्रबंधन पर केंद्रित एक अत्यंत ज्ञानवर्धक 'पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन' (डिजिटल प्रस्तुतीकरण) दिया गया. इस सत्र के दौरान दोनों वरिष्ठ चिकित्सकों ने बढ़ती उम्र में होने वाली विभिन्न गंभीर बीमारियों के मूल कारणों, उनके लक्षणों और वैज्ञानिक बचाव के तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने उपस्थित बुजुर्गों को अपनी दैनिक जीवनशैली को अनुशासित और नियंत्रित करने के बहुमूल्य टिप्स भी दिए. इस अवसर पर बोलते हुए मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अशोक कुमार ने सभी सेवानिवृत्त रेल अधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी जब कभी उन्हें चिकित्सकीय सहायता या परामर्श की आवश्यकता होगी, संपूर्ण रेल अस्पताल परिवार उनकी सेवा में सदैव तत्पर और गौरवान्वित महसूस करेगा.
नर्सिंग स्टाफ और सेवानिवृत्त रेल अधिकारी संगठन के पदाधिकारियों के समन्वय से कार्यक्रम रहा बेहद सफल
इस महत्वपूर्ण आयोजन को सुव्यवस्थित और सफल बनाने में चिकित्सालय की नर्सिंग अधिकारी सुश्री ललिता लाल, चीफ मेट्रन सुश्री प्रतिभा एवं सुश्री वेरीनिका ने अपनी पूरी नर्सिंग टीम के साथ अग्रिम मोर्चे पर रहकर सहयोग किया. उन्होंने अस्पताल पहुंचे सभी पूर्व अधिकारियों और उनके परिजनों का बेहद आत्मीय स्वागत किया और जांच काउंटरों पर उनकी पूरी मदद की. इस कल्याणकारी शिविर को लेकर सेवानिवृत्त अधिकारियों और उनके परिवारों में भारी उत्साह देखा गया और उन्होंने इतनी सुंदर व्यवस्थाओं के लिए रेल अस्पताल प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया. पूरे कार्यक्रम का कुशल और सफल मंच संचालन सेवानिवृत्ति रेल अधिकारी संगठन के ऊर्जावान सचिव श्री जे. के. तिवारी द्वारा किया गया.
शिविर की अभूतपूर्व सफलता में 'सेवानिवृत्त रेल अधिकारी एसोसिएशन' के माननीय अध्यक्ष श्री जी. पी. कोष्टा, उपाध्यक्ष श्री ओ. पी. खरे, सचिव श्री जे. के. तिवारी, सह-सचिव श्री गोविंद अबरोल तथा संगठन के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. जी. डी. हुंका का विशेष और उल्लेखनीय योगदान रहा. एसोसिएशन के इन सभी शीर्ष पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से रेल अस्पताल प्रबंधन के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता और आभार प्रकट किया. साथ ही, उन्होंने यह आशा भी व्यक्त की कि वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखने वाले इस प्रकार के अनुकरणीय और बड़े स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन भविष्य में भी रेलवे अस्पताल प्रबंधन द्वारा निरंतर अंतराल पर किया जाता रहेगा.









