चित्रकूट: मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में सड़कों की बदहाली और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर किसी से छिपा नहीं है। चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत भी ग्रामीण और शहरी इलाकों में जर्जर सड़कों को लेकर स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही थीं। इसी जनसमस्या को गंभीरता से लेते हुए बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार मंगलवार को सीधे लोक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय पहुंच गए। वहाँ उन्होंने मुख्य अभियंता पंकज खड़ारे के समक्ष अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया।
1100 करोड़ के बजट के बावजूद सड़कों की स्थिति खराब
विधायक का आरोप है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में पिछले चार वर्षों के दौरान सड़क परियोजनाओं के लिए लगभग 1100 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है। इसके बावजूद, इतनी बड़ी धनराशि खर्च होने के बाद भी धरातल पर तस्वीर बेहद निराशाजनक है।
उन्होंने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कई सड़कें तो ऐसी हैं जो बनने के कुछ ही महीनों के भीतर उखड़ गईं और दोबारा उनकी सुध तक नहीं ली गई। कई मामलों में कागजों पर तो काम पूरा होने का रिकॉर्ड तैयार कर दिया गया, जबकि मैदानी स्तर पर आज भी सड़कें गड्ढों से भरी पड़ी हैं।
एसडीओ की कार्यशैली पर जताई कड़ी आपत्ति
बैठक के दौरान विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने अधिकारियों की कार्यसंस्कृति और जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि काम की यही धीमी और लचर रफ्तार रही, तो क्षेत्र की सड़कें उनके इस कार्यकाल के पांच साल बीत जाने या उनके इस दुनिया में न रहने के बाद ही बन पाएंगी।मामला यहीं शांत नहीं हुआ; विधायक ने मझगवां क्षेत्र में PWD के प्रभारी एसडीओ (SDO) अश्वनी निगम की कार्यशैली पर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। विधायक के कड़े विरोध और शिकायतों के बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अश्वनी निगम को प्रभारी पद से हटा दिया और उनकी जगह दूसरे सहायक अभियंता को मझगवां की जिम्मेदारी सौंप दी।मुख्य अभियंता ने विधायक को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और खराब सड़कों के निर्माण के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।









