अटल लोक परियोजना को मिली रफ्तार, 19.50 करोड़ से विकसित होगा पर्यटन स्थल

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भोपाल। ग्वालियर में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की यादों को संजोने के लिए बने 'अटल स्मारक' को अब एक नए और आधुनिक रूप में बदलने की तैयारी की जा रही है। इसे अब 'अटल लोक' के नाम से विकसित किया जाएगा। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग इस पूरे परिसर को एक हाईटेक पर्यटन केंद्र और 'म्यूजियम ऑफ लीडरशिप एंड नेशन बिल्डिंग' का रूप देने जा रहा है। यहाँ आने वाले लोग आधुनिक तकनीक के जरिए अटल जी के जीवन, उनकी सोच, राजनीतिक यात्रा और देश के विकास में उनके योगदान को करीब से महसूस कर सकेंगे।

इस पूरे प्रोजेक्ट को तैयार करने में लगभग 19.50 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इस जगह को खास बनाने के लिए यहाँ डिजिटल गैलरी, होलोग्राम, रोबोटिक्स, प्रोजेक्शन मैपिंग और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सिस्टम जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद अटल लोक को देश का एक बड़ा और मशहूर पर्यटन स्थल बनाना है। यहाँ कदम रखते ही सैलानियों का स्वागत डिजिटल रिसेप्शन, बड़ी एलईडी स्क्रीन और अटल जी की एक शानदार डिजिटल प्रतिमा से होगा। इसके बाद अलग-अलग गैलरी के जरिए उनके बचपन, ग्वालियर से उनके जुड़ाव और देश के प्रधानमंत्री बनने तक के सफर को दिखाया जाएगा।

एआई मॉडल और रोबोटिक संसद होगी मुख्य आकर्षण

इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे अनोखी और खास बात यहाँ तैयार होने वाला अटल जी का एआई-आधारित ह्यूमनाइड (इंसान जैसा दिखने वाला) रोबोटिक मॉडल होगा। इसके लिए संसद सत्र की थीम पर एक छोटा थिएटर बनाया जाएगा, जहाँ लोग अटल जी के इस रोबोटिक रूप से सीधे सवाल पूछ सकेंगे और एआई की मदद से उन्हें अटल जी की आवाज और अंदाज में जवाब मिलेंगे। इस हिस्से को पूरे प्रोजेक्ट का सबसे खास और कीमती आकर्षण माना जा रहा है। इसके साथ ही, देश के इतिहास के दो बड़े पड़ावों यानी पोखरण परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध के दृश्यों को भी आधुनिक तकनीक के जरिए जीवंत किया जाएगा।

जेल के दिनों की यादें और अन्य खास सुविधाएं

सैलानियों को अटल जी के संघर्ष के दिनों से रूबरू कराने के लिए आपातकाल (इमरजेंसी) के दौर पर आधारित एक विशेष गैलरी भी बनाई जाएगी। यहाँ उनके जेल जीवन, उनकी मशहूर कविताओं और उनकी जेल डायरी के अंशों को तकनीक के माध्यम से दिखाया जाएगा। इसके अलावा, यहाँ आने वाले लोगों के लिए डिजिटल ट्रिब्यूट वॉल, एक ऐसी रोबोटिक प्रणाली जो अटल जी के हस्ताक्षर करके देगी, 'सेल्फी विद अटल जी' का विकल्प, लीडरशिप पर आधारित मजेदार डिजिटल गेम्स और रूफटॉप कैफेटेरिया जैसी कई बेहतरीन सुविधाएं भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा होंगी।