परीक्षा परिणाम में देरी से नाराज नर्सिंग छात्र, सरकार से जल्द समाधान की मांग

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भोपाल। राजधानी में मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के बाहर 10 अगस्त से चल रहा नर्सिंग छात्रों का धरना प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। परीक्षाओं में अत्यधिक देरी, लंबित परिणामों और लगातार पिछड़ते शैक्षणिक सत्र से आक्रोशित छात्रों ने आंदोलन के तरीके बदल दिए हैं। मंगलवार को अधिकारियों पर स्याही फेंकने के बाद बुधवार को छात्रों ने अनोखे तरीके से जादू-टोना और टोटके करके अपना विरोध दर्ज कराया।

छह साल का लंबा इंतजार, एक लाख छात्र प्रभावित

प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि बीते तीन से चार वर्षों से अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित नहीं की गई हैं, जबकि पुराने सत्रों के परिणाम भी अटके पड़े हैं। इस प्रशासनिक लापरवाही के कारण पूरे मध्य प्रदेश में लगभग एक लाख नर्सिंग छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। छात्रों की मुख्य मांग है कि सभी लंबित परीक्षाएं तुरंत आयोजित की जाएं और रुके हुए परिणामों को शीघ्र जारी किया जाए।

काउंसिल और अधिकारियों की साठगांठ पर सवाल

छात्र संगठनों ने नर्सिंग काउंसिल और प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कॉलेजों की मान्यता तय करना काउंसिल का काम है, लेकिन मान्यता के खेल में भ्रष्टाचार के बावजूद अब तक किसी भी दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। अदालतों में केवल तारीखें बढ़ रही हैं और लीपापोती की जा रही है, जबकि खामियाजा निर्दोष छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, छात्रवृत्ति की भी मांग

छात्र संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम चिकित्सा शिक्षा संचालक को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इसमें परीक्षाओं के आयोजन, लंबित परिणामों की घोषणा, पंजीयन प्रक्रिया और रुकी हुई छात्रवृत्ति जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल हैं। विशेष रूप से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के GNM, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग और पैरामेडिकल छात्रों के लिए समय पर स्कॉलरशिप जारी करने की मांग उठाई गई है।

आश्वासन के बाद भी आंदोलन जारी रखने का ऐलान

हालांकि चिकित्सा शिक्षा संचालक ने छात्रों की सभी जायज मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुँचाने और जल्द उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन छात्र संतुष्ट नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का ठोस और स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक नर्सिंग काउंसिल के बाहर उनका यह अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।