PM मोदी बोले पेट्रोल बचाओ, इधर निगम अध्यक्ष 700 गाड़ियों के काफिले संग पहुंचे भोपाल

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भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए की गई अपील और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सख्त हिदायतों के बीच मध्य प्रदेश की राजनीति से एक विरोधाभासी तस्वीर सामने आई है। प्रदेश में एक ओर जहां सरकार जनता से संसाधन बचाने का आग्रह कर रही है, वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी दल के नेता ही इन अपीलों को नजरअंदाज करते दिख रहे हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर के पदभार ग्रहण समारोह से जुड़ा है।

PM और CM की अपील के उलट 'शक्ति प्रदर्शन'

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 24 घंटों में दो बार देशवासियों से ईंधन बचाने और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का आह्वान किया है। इसी क्रम में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को निर्देश दिए थे कि वे जनता को 'वर्क फ्रॉम होम', 'वर्चुअल मीटिंग' और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रेरित करें। लेकिन इन अपीलों का असर भाजपा नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर पर दिखाई नहीं दिया। वे उज्जैन से भोपाल तक 700 से ज्यादा गाड़ियों का विशाल काफिला लेकर पहुंचे, जिसे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मितव्ययिता की अपील की अनदेखी के रूप में देखा जा रहा है।

भोपाल की सड़कों पर घंटों लगा रहा जाम

700 से अधिक वाहनों के इस काफिले ने राजधानी भोपाल की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। आलम यह था कि काफिले की गाड़ियां आपस में ही टकरा गईं और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बोर्ड ऑफिस से लेकर अरेरा हिल्स और प्रदेश भाजपा कार्यालय तक के इलाके भीषण जाम की चपेट में रहे। इस 'शक्ति प्रदर्शन' के कारण आम जनता को घंटों परेशानियों का सामना करना पड़ा। काम पर जाने वाले लोग और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन इस वीआईपी कल्चर के चलते फंसे रहे।

प्रदेश कार्यालय में हुआ भव्य स्वागत

विशाल काफिले के साथ प्रदेश भाजपा मुख्यालय पहुंचे सौभाग्य सिंह ठाकुर का वहां भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पदभार ग्रहण करने से पूर्व ठाकुर ने पार्टी कार्यालय परिसर में स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। हालांकि, इस पूरे आयोजन के बाद अब राजनीतिक गलियारों और जनता के बीच सरकार की अपील और नेताओं के आचरण को लेकर नई चर्चा छिड़ गई है।