भोपाल/रायपुर: देशभर में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार (28 जून) को पांच साल तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य हर बच्चे को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखना है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को पास के पोलियो बूथ पर जरूर ले जाएं। इस मुहिम को सफल बनाने के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, दोनों ही जगहों पर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
भोपाल में 3.32 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य
भोपाल जिले में इस बार पांच वर्ष तक के 3.32 लाख से ज्यादा बच्चों को पोलियो की खुराक देने का लक्ष्य है। इसके लिए पूरे जिले में 2,710 पोलियो बूथ तैयार किए गए हैं। साथ ही, व्यवस्था पर नजर रखने के लिए 306 सुपरवाइजर, 121 ट्रांजिट टीमें और 52 मोबाइल टीमें मुस्तैद की गई हैं। ये टीमें बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और निर्माण स्थलों जैसे संवेदनशील इलाकों में जाकर बच्चों को दवा पिलाएंगी। जिला पंचायत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी इला तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पहले ही दिन ज्यादा से ज्यादा बच्चों को कवर किया जाए। इसके अलावा, बैठक में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी (संवेदनशील मातृत्व) मामलों की समय पर पहचान करने की भी समीक्षा की गई।
रायपुर में घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी इस अभियान को लेकर मजबूत तैयारी है। जिले में कुल 1,381 पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जहां 3,45,373 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जो बच्चे रविवार को किसी कारणवश बूथ तक नहीं आ पाएंगे, उन्हें 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर पोलियो की खुराक देंगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए हर बच्चे को यह दवा मिलना जरूरी है, इसलिए माता-पिता किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।









