घोटाले के मुद्दे पर सियासी संग्राम तेज, कांग्रेस बोली- सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हो पालन

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भोपाल. मध्य प्रदेश के सरकारी खजाने में करीब 600 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय गोलमाल का खुलासा होने से शासन व्यवस्था में हड़कंप मच गया है। इस गड़बड़ी सामने आने के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए हैं। इसके साथ ही पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने प्रदेश भर में प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों और अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन किया। वहीं दूसरी ओर भोजशाला प्रकरण को लेकर आयोजित बंद के मुद्दे पर भी विपक्ष ने अपनी बात रखी है।

सरकारी खजाने के मामले में विपक्ष के तीखे आरोप

वित्त से जुड़े इस गंभीर मामले को लेकर विपक्ष हमलावर मोड़ में है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 600 करोड़ रुपये के कथित घपले को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया है। पार्टी ने मामले में तुरंत निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वित्तीय अनियमितता का दायरा व्यापक है, जिसमें 24 सरकारी विभाग जांच के दायरे में हैं। लगभग 305 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का अंदेशा जताया गया है, जिसमें 400 से अधिक अधिकारी व कर्मचारी जांच के घेरे में हैं। वहीं, करीब 380 करोड़ रुपये की रिकवरी प्रक्रिया अभी बाकी बताई जा रही है।

भोजशाला विवाद पर न्यायपालिका के निर्देशों के पालन की मांग

भोजशाला मामले पर बोलते हुए नेता पीसी शर्मा ने कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के आदेशों का पूरी निष्ठा से पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आस्था और इबादत के नाम पर किसी भी तरह का नकारात्मक माहौल तैयार नहीं किया जाना चाहिए। मध्य प्रदेश की मिली-जुली संस्कृति ने हमेशा ऐसी बातों को दरकिनार किया है।

शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन को समर्थन

प्रदेश में अपनी मांगों को लेकर लगातार धरना दे रहे शिक्षक अभ्यर्थियों के मुद्दे पर भी विपक्ष ने बात रखी। पूर्व मंत्री ने कहा कि अभ्यर्थियों के लंबे समय से चले आ रहे प्रदर्शन पर सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए विचार करना चाहिए। इस मांग और आंदोलन को स्कूली छात्रों का भी समर्थन मिल रहा है।