भोपाल में शिक्षक भर्ती पर सियासी संग्राम, भूख हड़ताल के बीच अभ्यर्थियों से मिले दिग्विजय

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भोपाल: राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में पिछले 16 दिनों से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन को कांग्रेस ने समर्थन दे दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा धरना स्थल पहुंचकर आंदोलनकारियों से मिले। चयनित शिक्षक अभ्यर्थी वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 में रिक्त पदों में वृद्धि तथा चयनित अभ्यर्थियों की शीघ्र नियुक्ति की मांग पर अड़े हुए हैं।

मांगें पूरी न होने पर दिग्विजय सिंह ने दी अनशन की चेतावनी

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इससे पूर्व 26 अगस्त को भी अभ्यर्थियों के मध्य पहुंचे थे और उनकी मांगों को जायज ठहराते हुए राज्य सरकार से समाधान की अपील की थी:

  • अनशन की चेतावनी: उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अभ्यर्थियों की जायज मांगें स्वीकार नहीं की गईं, तो वे स्वयं 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) से 24 घंटे के उपवास पर बैठेंगे।

  • शिक्षकों ने बांधी राखी: धरना स्थल पर उपस्थित कई महिला अभ्यर्थी शिक्षकों ने दिग्विजय सिंह को राखी बांधकर अपनी सुरक्षा और भविष्य के समर्थन की गुहार लगाई।

मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन

अपनी मांगों को लेकर नीलम पार्क में डटे अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के काफिले को रोककर अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा:

  • वर्षों से प्रतीक्षा: अभ्यर्थियों का आरोप है कि वे वर्षों से अंतिम भर्ती प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन नए (फ्रेश) पदों पर भर्तियां जारी नहीं की जा रही हैं।

प्रमुख मांगें और पद वृद्धि की शर्त

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने शासन के समक्ष निम्नलिखित मुख्य मांगें रखी हैं:

  • वर्ग-2 में पद वृद्धि: माध्यमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-2 में कम से कम 10,000 पद बढ़ाए जाएं।

  • वर्ग-3 में पद वृद्धि: प्राथमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-3 के पदों को बढ़ाकर न्यूनतम 25,000 किया जाए।

  • काउंसलिंग व अवशेष पद: द्वितीय चरण की काउंसिलिंग प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाए तथा वर्ग-3 में विशेष शिक्षक के रिक्त बचे पदों को सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध कराया जाए।