एमपी में आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती की तैयारी, चार साल से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को मिलेगी राहत

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भोपाल। मध्य प्रदेश के युवाओं और नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य में चार साल के लंबे इंतजार के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजर्स) के रिक्त पदों पर बंपर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन पदों पर चयन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन इसी महीने के अंत तक या आगामी नवंबर माह की शुरुआत में जारी किए जाने की प्रबल संभावना है।

कुल 4,878 पदों पर होगी बंपर भर्ती

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत की जाने वाली इस भर्ती प्रक्रिया में कुल 4,878 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इन पदों में 4,264 पद आशा कार्यकर्ताओं के हैं और 614 पद आशा पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजर्स) के निर्धारित किए गए हैं। क्षेत्रवार बात करें तो ग्रामीण इलाकों में 3,062 और शहरी क्षेत्रों में 1,202 आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्तियां की जाएंगी। इस स्वास्थ्य पहल से गांवों और दूरदराज के अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में काफी सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।

आदिवासी जिलों को मिलेगी विशेष प्राथमिकता

इस भर्ती अभियान की सबसे खास विशेषता यह है कि प्रदेश के 20 चिन्हित आदिवासी जिलों में विशेष रूप से 1,251 आशा कार्यकर्ताओं की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा, इनमें से 18 आदिवासी जिलों के अंतर्गत 200 आशा पर्यवेक्षकों का चयन भी किया जाना है। जिन प्रमुख आदिवासी जिलों में यह नियुक्तियां प्राथमिकता से की जाएंगी, उनमें अलीराजपुर, अनूपपुर, बालाघाट, बड़वानी, बैतूल, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, धार, डिंडौरी, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मंडला, रतलाम, सिवनी, शहडोल, श्योपुर, सीधी, सिंगरौली और उमरिया शामिल हैं।

चार साल बाद हो रहा है बड़ा चयन

इससे पहले अगस्त 2022 में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशा कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों का चयन किया गया था, जिसके बाद अब एक बार फिर इतने बड़े पैमाने पर भर्तियां की जा रही हैं। सरकार के इस कदम से ग्रामीण परिवारों और स्वास्थ्य विभाग के बीच सुदृढ़ संपर्क सूत्र स्थापित होंगे, जिससे सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सीधे धरातल तक पहुंच सकेगा।