सागर: मध्यप्रदेश के सागर जिले में घटित जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। उच्च स्तरीय सूत्रों के अनुसार, इस गंभीर लापरवाही को लेकर जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) और कलेक्टर को पद से हटाए जाने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही कई अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त गाज गिर सकती है। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे शासन-प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।
अब तक 16 लोगों की दर्दनाक मौत, 100 से अधिक मरीज अस्पताल में भर्ती
यह सनसनीखेज मामला 5 सितंबर का है, जो 6 सितंबर को तब उजागर हुआ जब बंडा क्षेत्र में एक साथ 10 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु की खबर सामने आई। जांच में मौत का कारण जहरीली शराब का सेवन पाया गया। वर्तमान में मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 16 हो चुकी है, जबकि लगभग 100 मरीजों का अस्पताल में इलाज जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक बंडा की संयुक्त कलेक्टर (SDM) आरती यादव और SDOP प्रदीप वाल्मीकि पर गाज गिर चुकी है।
30 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज, 14 आरोपी गिरफ्तार
घटना की विभीषिका को देखते हुए पुलिस और आबकारी विभाग की टीमों ने त्वरित कार्रवाई शुरू की है। पुलिस प्रशासन ने अब तक इस मामले में 30 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है, जिनमें से 14 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य संलिप्त लोगों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
एसपी अनुराग सुजानिया पर पहले भी लग चुके हैं आरोप
उल्लेखनीय है कि सागर के वर्तमान एसपी अनुराग सुजानिया पूर्व में भी जहरीली शराब कांड को लेकर विवादों में रह चुके हैं। जब वे मुरैना जिले के पुलिस कप्तान थे, तब वहां जहरीली शराब के सेवन से 24 लोगों की अकाल मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उन्हें पदमुक्त किया गया था। अब एक बार फिर उनके कार्यकाल के दौरान सागर में 16 लोगों की जान चली जाने से उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दुबई दौरे से लौटते ही प्रभावित गांवों का दौरा कर सकते हैं मुख्यमंत्री
विदेश दौरे पर गए मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दुबई से नई दिल्ली होते हुए भोपाल पहुंच रहे हैं। भोपाल आगमन के तुरंत बाद उनके सागर पहुंचकर प्रभावित गांवों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने और पीड़ित परिवारों से मिलने की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री के आगमन के साथ ही इस पूरे प्रकरण में बड़े प्रशासनिक फेरबदल का औपचारिक ऐलान हो सकता है।









