जबलपुर: मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर के रिछाई औद्योगिक क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ स्थित अनमोल नमकीन फैक्टरी में शुक्रवार दोपहर एक भारी-भरकम मालवाहक लिफ्ट अचानक टूटकर नीचे गिर गई। इस भीषण हादसे की चपेट में आने से वहां कार्यरत एक महिला श्रमिक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के वक्त कारखाने के भीतर महज कुछ ही श्रमिक मौजूद थे, जिन्होंने तत्काल मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद से फैक्टरी परिसर में काम करने वाले अन्य मजदूरों में भारी आक्रोश और डर का माहौल व्याप्त है।
नमकीन के पैकेट समेट रही थी महिला, अचानक काल बनकर गिरी भारी लिफ्ट
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रिछाई स्थित अनमोल नमकीन के कारखाने में शुक्रवार दोपहर लगभग 12:00 बजे रोजाना की तरह काम चल रहा था। इसी दौरान फैक्टरी में काम करने वाली महिला श्रमिक मालती केवट मालवाहक लिफ्ट के ठीक किनारे जमीन पर बिखरे नमकीन के पैकेट समेटने और वहां सफाई करने के काम में जुटी हुई थी। तभी अचानक बिना कोई चेतावनी दिए ऊपर से आ रही भारी-भरकम मालवाहक लिफ्ट भरभरा कर सीधे मालती के ऊपर आ गिरी। लिफ्ट का वजन इतना ज्यादा था कि महिला उसके नीचे बुरी तरह दब गई और चीखने-पुकारने लगी। उसने फंदे और मलबे के बीच छटपटाते हुए मौके पर ही दम तोड़ दिया।
साथी मजदूरों ने जान दांव पर लगाकर मालती को निकाला बाहर, प्रबंधन नदारद
घटना के वक्त वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शी श्रमिक राम यादव ने बताया कि जैसे ही लिफ्ट गिरने की जोरदार आवाज आई और मालती की चीख सुनाई दी, फैक्टरी के अन्य हिस्सों में काम कर रहे सभी मजदूर अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत उसे बचाने के लिए दौड़े। श्रमिकों ने कड़ी मशक्कत और अपने पूरे दमखम के साथ भारी-भरकम लिफ्ट को नीचे से ऊपर की ओर उठाया और उसके नीचे दबी मालती को खींचकर बाहर निकाला। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, लिफ्ट की सीधी चोट और अत्यधिक वजन के कारण मालती की सांसें थम चुकी थीं।
इस पूरे हादसे के दौरान सबसे शर्मनाक बात यह रही कि अनमोल नमकीन कारखाने के भीतर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी, सुपरवाइजर या मैनेजर मौजूद नहीं था। निर्माण और पैकिंग के काम के दौरान केवल मजदूर ही वहां काम कर रहे थे। हद तो तब हो गई जब हादसे के एक घंटे बाद तक भी कारखाने का कोई जिम्मेदार मालिक या प्रबंधन का व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे मजदूरों का गुस्सा और भड़क गया।
लोहे की कमजोर रस्सी (वायर) टूटना बना हादसे का मुख्य कारण, शिकायत को किया था अनसुना
कारखाने में काम करने वाले प्रत्यक्षदर्शी श्रमिकों ने फैक्टरी मालिकों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक बेहद गंभीर आरोप लगाया है। मजदूरों का कहना है कि लिफ्ट को ऊपर-नीचे खींचने वाली लोहे की मुख्य रस्सी (लोहे का वायर) पिछले कई दिनों से कमजोर हो चुकी थी और बीच-बीच से टूट रही थी। श्रमिकों ने इस बात की लिखित और मौखिक शिकायत कारखाने के मालिकों और प्रबंधन से की थी, लेकिन उत्पादन के लालच में इस तकनीकी खराबी को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया, जिसका खामियाजा मालती को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा।
उधर, खुद को बचाने के लिए कारखाने के कुछ लोग मौके पर यह झूठा दावा भी करते नजर आए कि महिला वहां झाड़ू लगा रही थी और उसे लिफ्ट की तरफ जाने से मना किया गया था। बहरहाल, पुलिस ने फैक्टरी में लगे सीसीटीवी कैमरों को अपने कब्जे में ले लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने और बिना अनुमति के खतरनाक लिफ्ट का संचालन करने के मामले में फैक्टरी मालिकों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।









